यूपी में मानसून का असर अभी बना हुआ है और आज 19 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिमी यूपी में भी बारिश की संभावना बनी रहेगी, 19 अगस्त को पश्चिमी हिस्से के लिए पूर्वी यूपी की तुलना में अलग स्तर की चेतावनी है.
19 अगस्त को सबसे ज्यादा नजर पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम पर रहेगी. मौसम केंद्र लखनऊ की ताजा चेतावनी में पूर्वी यूपी के लिए 19 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है. इसके बाद 20, 21, 22 और 23 अगस्त को भी भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है. 24 अगस्त के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है. IMD के राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन में 19 अगस्त के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 20 अगस्त को इसी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है. 21 अगस्त को भी पूर्वी यूपी में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इसका मतलब साफ है कि पूर्वांचल में मानसून की सक्रियता 19 अगस्त के बाद भी बनी रह सकती है. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.
किस जिले में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी लखनऊ समेत मध्य यूपी के लिए मौसम का स्थानीय अनुमान है. 19 अगस्त की व्यापक चेतावनी में पूर्वी यूपी को ज्यादा सक्रिय और पश्चिमी यूपी को भी बारिश वाले क्षेत्र के रूप में रखा गया है. हालांकि IMD की उपखंडवार चेतावनी के आधार पर लखनऊ को सीधे पूर्वी यूपी की अत्यधिक बारिश वाली चेतावनी में शामिल नहीं है. कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी 19 अगस्त को बादलों की आवाजाही के बीच स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी रह सकती है. पश्चिमी यूपी में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश होने के बावजूद आसपास के इलाके में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है. यही स्थिति धूप निकलने की संभावना भी पैदा करती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 19 अगस्त को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. IMD ने इस पूरे उपखंड के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वाराणसी और आसपास का पूर्वांचल इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव वाले क्षेत्र में आता है. IMD के 18 अगस्त के बुलेटिन में पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. वाराणसी के बाबतपुर में 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. यह आंकड़ा बताता है कि पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधि पहले से सक्रिय है.
बारिश के पीछे क्या है वजह
IMD के अनुसार झारखंड और उससे सटे उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना दबाव 18 अगस्त की सुबह झारखंड के ऊपर था और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था. मौसम विभाग ने इसके अगले 24 घंटे में झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना जताई थी. यह मौसम प्रणाली पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधि बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है. IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन में भी 18-19 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश और भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है. दबाव की स्थिति और मानसून की सक्रियता के कारण पूर्वी यूपी में 19 अगस्त को बारिश का जोर बना रह सकता है.
20 अगस्त को और बढ़ेगा बारिश का असर
19 अगस्त के बाद भी यूपी के लिए मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं. मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार पूर्वी यूपी में 20 अगस्त को भारी बारिश और 21 अगस्त को भी भारी बारिश की चेतावनी है. 22 और 23 अगस्त को भी पूर्वी यूपी में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन में 20 अगस्त को पूर्वी यूपी में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. 21 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है, जबकि 23 और 24 अगस्त को पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अनुमान बना हुआ है.
क्या सावधानी रखनी चाहिए?
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतनी चाहिए. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या हो सकती है. गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना बेहतर है. IMD की चेतावनी के मुताबिक भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर दृश्यता कम हो सकती है और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. इसलिए लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें.
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