6 अगस्त की वह सुबह, हाईवे पर 150 से भी ज्यादा की रफ्तार से दौड़ती क्रेटा कार,सामने चल रही गाड़ी को ओवरटेक करती है और फिर अचानक सड़क से नीचे उतर जाती है. कुछ ही सेकंड बाद कार डिवाइडर से टकराती है. टक्कर इतनी जोरदार होती है कि गाड़ी हवा में उछलकर पूरी तरह से पलट जाती है. इस हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई थी. अब हादसे के करीब छह दिन बाद सामने आए वीडियो ने दुर्घटना की तस्वीर तो साफ कर दी है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है आखिर आबान की कार सड़क से नीचे उतरी कैसे ? इन चंद सेकंडों में आखिर ऐसा क्या हुआ कि कार नियंत्रण से बाहर हो गई?
क्या कार की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा थी? क्या ओवरटेक के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ा? क्या चालक को नींद की झपकी आई थी? या फिर हादसे के पीछे कोई और वजह थी? वीडियो में घटनाक्रम कुछ सेकंड का है, लेकिन इन्हीं सेकंडों में पूरी कहानी बदल जाती है. हादसे के नए वीडियो में कार काफी तेज रफ्तार से आती दिखाई देती है. अंदाज लगाया जा रहा है कि हादसे से पहले कार की स्पीड 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रही होगी. हालांकि कार की वास्तविक स्पीड की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
वीडियो में हादसे से पहले कार हाईवे पर आगे बढ़ती दिखाई देती है. इसी दौरान कार सामने चल रही एक गाड़ी को ओवरटेक करती है. ओवरटेक के तुरंत बाद कार मुख्य सड़क से नीचे उतरती नजर आती है. इसके बाद कार कुछ दूरी तक सड़क के बाहर की ओर बढ़ता है और फिर आगे जाकर डिवाइडर से टकरा जाती है. यहीं से हादसे का सबसे खौफनाक हिस्सा शुरू होता है. डिवाइडर से टकराते ही कार का संतुलन बिगड़ जाता है और वह हवा में उछल जाती है. इसके बाद कार पलटकर सड़क पर जा गिरती है. पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में होता है.
नींद की झपकी आई थी या वजह कुछ और
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कार सड़क से नीचे कैसे उतरी? क्या तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर कार को नियंत्रित नहीं कर पाया? क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी? क्या सड़क की स्थिति ने वाहन का संतुलन बिगाड़ा ? वैसे ओवरटेक करते समय कार पूरी तरह नियंत्रित नजर आती है. फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है. वीडियो में दुर्घटना का घटनाक्रम जरूर दिखाई देता है, लेकिन यह अपने आप में यह साबित नहीं करता कि हादसे की वजह नींद, रफ्तार या कोई तकनीकी खराबी थी. इसीलिए अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है.
6 अगस्त को हुआ था झांसी में हादसा
यह हादसा 6 अगस्त को झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे पर हुआ था. आबान अहमद प्रयागराज से झांसी जा रहा था. बताया गया कि वह अपने भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था, जो झांसी जेल में बंद है. इसी दौरान हाईवे पर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. दुर्घटना में आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए. आबान की मौत के बाद हादसे में घायल लोगों की हालत भी परिवार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है. कार चला रहे जैद को गंभीर चोटें आई हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उसकी दो पसलियां टूट गई हैं. हाथ और दोनों पैरों में फ्रैक्चर की बात सामने आई है. सिर में भी गंभीर चोट लगी है. पहले उसका इलाज प्रयागराज में कराया जा रहा था. तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद उसे दिल्ली के आर्मी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. जैद प्रयागराज के मोहत्सिम गंज का रहने वाला बताया गया है और अतीक अहमद के परिवार से उसका रिश्तेदारी का संबंध बताया गया है. उसके पिता सेना में हैं.
हादसे में घायल उमर का इलाज पहले प्रयागराज के आशुतोष अस्पताल में चल रहा था. उसकी तीन पसलियों में फ्रैक्चर, हाथ-पैर में चोट और फेफड़े में गंभीर चोट की जानकारी सामने आई थी. तबीयत बिगड़ने के बाद उसे दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया. वहीं हादसे में घायल तीसरे व्यक्ति फारुख अहजम की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है. उसका इलाज प्रयागराज में चल रहा है. इस तरह हादसे में दो लोगों की मौत के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाना पड़ा है.
आबान के जनाजे में शामिल हुए थे बड़े भाई
आबान अहमद की मौत के बाद उसके बड़े भाई उमर अहमद और अली अहमद को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मिली थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच में दोनों की ओर से पैरोल की अर्जी दाखिल की गई थी. उमर लखनऊ जेल में बंद था, जबकि अली झांसी जेल में बंद था. अदालत ने दोनों को छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी थी. पैरोल के दौरान दोनों को पुलिस सुरक्षा में सीधे कब्रिस्तान ले जाने और फिर वापस जेल ले जाने की शर्त रखी गई थी. मीडिया से बातचीत नहीं करने की शर्त भी थी.
पिता अतीक की कब्र के पास दफन हुआ आबान
आबान को उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफन किया गया. छोटे भाई के जनाजे को कंधा देते समय उमर और अली भावुक नजर आए थे. उस समय सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दोनों भाइयों को रोते हुए देखा गया था. अब हादसे का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर आबान की मौत चर्चा में है.
अबू आजमी ने भी उठाए थे सवाल
आबान की मौत को लेकर कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी नेता और विधायक अबू आजमी ने भी सवाल उठाए थे. अबू आजमी ने कहा था कि जिस परिस्थिति में यह घटना हुई, उससे कई स्वाभाविक सवाल पैदा होते हैं और सामने आए घटनाक्रम को लेकर संदेह पैदा होता है. उन्होंने कहा था कि कानून को बिना किसी हस्तक्षेप और बिना भेदभाव के अपना काम करने दिया जाना चाहिए. अबू आजमी के मुताबिक, केवल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और लोगों का भरोसा कायम हो सकता है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा था कि जिन लोगों ने दिन के उजाले में पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या की, क्या वही लोग इस मामले की जांच करेंगे. उन्होंने कहा था कि उन्हें इंसाफ की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. हालांकि अबू आजमी की ये टिप्पणियां उनके द्वारा उठाए गए सवाल और जांच की मांग हैं.
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