नेपाल क्यों गई, कैश कहां से आया, फ्लैट में कौन था, हर सवाल पर श्रद्धा बोली- मेरे वकील से बात करिए, मुझसे नहीं

शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे से लखनऊ के हजरतगंज थाने में पूछताछ जारी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा ने ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखी और सिर्फ इतना कहा कि मेरे वकील से बात करिए. पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और कैश बरामद होने की जानकारी दी है. नेपाल से वापसी समेत कई सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं.

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श्रद्धा दुबे ने पुलिस के सवालों पर साधी चुप्पी. (Photo: ITG) श्रद्धा दुबे ने पुलिस के सवालों पर साधी चुप्पी. (Photo: ITG)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ ,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

शिवा शर्मा मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे पुलिस के सवालों का जवाब देने से बच रही है. पुलिस की पूछताछ में उसने कई अहम सवालों पर चुप्पी साधी हुई है. जब पुलिस ने उससे पूछा कि वारदात के बाद वह नेपाल कैसे पहुंची और उसके साथ कौन-कौन था, तो उसने सिर्फ इतना कहा, 'मेरे वकील से बात करिए, मुझसे नहीं.' इसके अलावा उसने ज्यादातर सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया. युवा व्यवसायी और श्रद्धा के लिव इन पार्टनर शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया गया था. ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एचसीएफ की टीम तीनों आरोपियों को लेकर राजधानी लखनऊ पहुंची. मंगलवार को नागपुर से रवाना हुई पुलिस टीम बुधवार को सुबह नौ बजकर पचास मिनट पर सभी आरोपियों को हजरतगंज थाने लेकर पहुंची. इसके बाद से उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है.

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और कैश बरामद हुआ है. पूछताछ के दौरान पुलिस ने श्रद्धा से यह जानने की कोशिश की कि बिना एटीएम से पैसे निकाले और बिना यूपीआई का इस्तेमाल किए उसके पास कैश कहां से आया. इस सवाल पर भी श्रद्धा ने चुप्पी साध ली और कोई जवाब नहीं दिया. पुलिस यह भी जानना चाहती है कि नौ अक्टूबर की शाम आखिर क्या हुआ था. उस दिन शिवा शर्मा की मौत कैसे हुई और घटना के समय फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था. लेकिन इन सवालों पर भी श्रद्धा ने कोई जवाब नहीं दिया. पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम है कि वारदात के बाद आरोपी कहां गए, नेपाल कैसे पहुंचे और वहां से भारत लौटने का रास्ता कैसे तय किया. नेपाल से लखनऊ आने के बारे में पूछे जाने पर भी श्रद्धा ने कोई जानकारी नहीं दी. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है.

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नौ अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा की मौत

यह मामला नौ अक्टूबर का है, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बलू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर युवा व्यवसायी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी. शुरुआत में इस घटना को लेकर अलग-अलग सवाल उठे. बाद में शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर दस अक्टूबर को हजरतगंज थाने में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. मामले की जांच आगे बढ़ी तो श्रद्धा की कार बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास मिलने की जानकारी सामने आई. इसी दौरान नेपाल में ई-रिक्शा पर श्रद्धा और रश्मि जैसी दिखने वाली महिलाओं का वीडियो सामने आने की खबर भी आई. इससे दोनों के नेपाल जाने को लेकर जांच और तेज हो गई.

शिवा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी बनी. 11 से 13 अक्टूबर के बीच सामने आई जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में शिवा के शरीर पर 11 बाहरी चोटों और कई आंतरिक चोटों का उल्लेख था. इनमें करीब पांच चोटें पुरानी बताई गई थीं. इन चोटों को लेकर भी मामले में कई सवाल उठे. 14 से 15 अक्टूबर के बीच श्रद्धा दुबे का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया. इसमें उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताया और खुद को निर्दोष कहा. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच जारी रखी.

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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 15 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की जानकारी दी थी. इसके बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त किए. नेपाल पुलिस के साथ समन्वय और संपत्ति कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी की जानकारी भी सामने आई. 17 अक्टूबर को नेपाल से गोरखपुर के रास्ते बुर्का पहनकर भारत में दाखिल होने की बात सामने आई. इस बीच आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे. 18 और 19 अक्टूबर के दौरान पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण की खबर सामने आई. हजरतगंज के थाना प्रभारी विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, जबकि डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया.

नागपुर में गिरफ्तारी के बाद लखनऊ लाई गई श्रद्धा

19 अक्टूबर को तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये किए जाने की जानकारी सामने आई. इसी दौरान एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को जांच में लापरवाही के आरोप में हटाया गया. 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद पुलिस ने तीनों को लखनऊ लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. 

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21 अक्टूबर को नागपुर की अदालत से पुलिस को तीनों आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड मिली. अदालत ने 72 घंटे की रिमांड दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई. अब हजरतगंज थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस की कोशिश है कि नौ अक्टूबर की घटना से लेकर नेपाल जाने और फिर भारत लौटने तक की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके. चार मोबाइल फोन और कैश की बरामदगी के साथ-साथ पैसों के स्रोत, फ्लैट में मौजूद लोगों और यात्रा से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. फिलहाल श्रद्धा की ओर से ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखने के बीच उसका एक ही जवाब सामने आया है, 'मेरे वकील से बात करिए.'
 

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