लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है. अब इस मामले से जुड़ा ताजा CCTV फुटेज सामने आया है. इसमें कथित तौर पर शिवा शर्मा सीढ़ियों से उतर रहा है और श्रद्धा दुबे का हाथ पकड़े हुए है. इन दोनों से पहले श्रद्धा की बहन रश्मि हाथ में मोबाइल थामे हुए सीढ़ी से नीचे उतरती है. यह फुटेज कथित तौर पर शिवा की मौत से पहले का है. बता दें कि शिवा की हत्या के आरोपी में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को जेल भेजा जा चुका है.
अवध अपार्टमेंट में फ्लैट के मालिक अजय राय के यहां लगे सीसीटीवी में श्रद्धा दुबे, शिवा शर्मा और रश्मि एक साथ जाते हुए दिख रहे हैं. इस संबंध में अजय राय ने कहा कि वो उग्र स्वभाव की महिला थी. किसी को गाली देने का अंदाज इतना वीभत्स होता था कि सामने वाले की यकीन ही नहीं होगा कि इतनी सुंदर महिला ऐसी गाली दे सकती है. श्रद्धा के झगड़ालू रवैये की वजह से मैंने ये सीसीटीवी लगवाया था. इसमें भी श्रद्धा को ऐतराज था. लोग कहते हैं कि पुरुष प्रधान देश है, लेकिन सुनी हमेशा महिलाओं की जाती है और पुरुष बेचारा पीड़ित होता है.
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दरअसल, शिवा की मौत का यह मामला लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है. 9 अक्टूबर 2026 को 28 साल के कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी. शिवा कैफे और खाने-पीने के कारोबार से जुड़ा था. शिवा की मौत के बाद मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और उसकी बहन पर गंभीर आरोप लगाए.
शिवा की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि शिवा के साथ मारपीट की गई और फिर उसे बिल्डिंग से नीचे धक्का दे दिया गया. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया. दूसरी तरफ, श्रद्धा ने वीडियो के जरिए अपनी बात रखते हुए दावा किया था कि शिवा ने खुद छलांग लगाई थी.
इस केस में CCTV फुटेज की चर्चा पहले भी हुई थी. अब एक ताजा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. जिस नए फुटेज की बात कही जा रही है, उसमें शिवा के श्रद्धा के साथ होने का दावा हो रहा है. कहा जा रहा है कि यह वीडियो शिवा की मौत से पहले का है.
नागपुर से पकड़े गए थे श्रद्धा, रश्मि और ड्राइवर
इस मामले में लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस तीनों को लखनऊ लेकर आई. गुरुवार सुबह करीब 10 बजे श्रद्धा को हजरतगंज थाने लाया गया, जहां उससे करीब छह घंटे तक पूछताछ हुई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने कई सवालों पर जवाब देने से परहेज किया और बार-बार कहा कि उसके वकील से बात की जाए. रश्मि और ड्राइवर से भी अलग-अलग सवाल पूछे गए.
पूछताछ के बाद पुलिस तीनों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले गई. अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, दो महिलाओं और एक पुरुष की मेडिको-लीगल जांच की गई. जांच में तीनों की हेल्थ सामान्य थी. इसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
जेल में पहले दिन मिलने नहीं पहुंचा कोई
जेल भेजे जाने के बाद श्रद्धा और रश्मि को गोसाईगंज स्थित जिला जेल में रखा गया है. जेल प्रशासन के मुताबिक, क्वारंटाइन में रहने की अवधि पूरी होने के बाद दोनों बहनों को महिला कैदियों की सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया. ड्राइवर दानिश को पुरुष कैदियों की बैरक में रखा गया है. जेल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार को तीनों आरोपियों से मिलने कोई करीबी या रिश्तेदार नहीं पहुंचा. दोनों बहनें दिन भर शांत रहीं और दूसरे कैदियों से ज्यादा बातचीत नहीं की.
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक, तीनों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है. श्रद्धा और रश्मि की निगरानी महिला जेल अधिकारी कर रही हैं, जबकि दानिश की निगरानी पुरुष जेल अधिकारी के जिम्मे है. सुरक्षा कारणों से उनकी अगली कोर्ट पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराए जाने की बात भी कही गई है.
अंकित मिश्रा