विश्व हिंदू परिषद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश संभल हिंसा से संबंधित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का स्वागत करते हुए इसे 'सत्य की विजय' बताया है. वीएचपी ने रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वीएचपी के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने कहा कि यह रिपोर्ट उन देशद्रोही शक्तियों के चेहरे से नकाब उतारती है जो भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने पर तुली हुई हैं.
उन्होंने बताया, आयोग ने स्पष्ट रूप से स्थापित किया है कि शाही जामा मस्जिद के न्यायालय आदेशित सर्वेक्षण को रोकने के लिए हुई हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित षड्यंत्र थी.
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क, स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के पुत्र सुहेल इकबाल, जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदस्यों सहित इनके सहयोगियों ने झूठी अफवाहें फैलाकर, भीड़ को उकसाकर और हिंसा भड़काकर कानून व्यवस्था को चुनौती दी.
डॉ जैन ने कहा कि पथराव, आगजनी, गोलीबारी और पुलिस पर हमले में चार लोगों की जान गई, 28 पुलिसकर्मी घायल हुए. रिपोर्ट ने साफ कहा है कि मृतकों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं, यह इन षड्यंत्रकारियों की हिंसा का परिणाम था.
डॉ जैन ने बताया कि यह घटना अकेली नहीं है. यह उन शक्तियों की मानसिकता को उजागर करती है जो न्यायालय के आदेशों का अपमान करने, हिंदू समाज को आतंकित करने और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़तीं. इन जैसे दरिंदों के कारण ही संभल को मिनी पाकिस्तान कहा जाता था.
उन्होंने आगे बताया कि संभल जैसे इलाकों में लगातार हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन और बार-बार दोहराई जा रही हिंसा इन तत्वों की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है. अगर कभी ऐसी देश-विघातक शक्तियां सत्ता में आ गईं तो क्या होगा, उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों को खुलेआम चुनौती दी जाएगी. हिंदू समाज को भय और आतंक में रखा जाएगा. पुलिस और प्रशासन को कमजोर करके कानून व्यवस्था को ध्वस्त किया जाएगा. देश की एकता और अखंडता को बार-बार ध्वस्त करने का प्रयास किया जाएगा. सांप्रदायिक हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाकर देश को अस्थिर करने की कोशिशें तेज होंगी.
वीएचपी के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इन देशद्रोही तत्वों को बेनकाब करती है. जो लोग न्यायालय के आदेशों का विरोध करने के लिए भीड़ जुटाते हैं, झूठी अफवाहें फैलाते हैं और हिंसा भड़काते हैं. वे राष्ट्र के शत्रु हैं. ऐसे तत्वों को किसी भी हालत में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए. हमारी स्पष्ट मांग है कि रिपोर्ट में नामित सभी षड्यंत्रकारियों और उनको संरक्षण देने वाले राजनेताओं के विरुद्ध त्वरित, कठोर और निर्णायक कानूनी कार्रवाई की जाए.
डॉ जैन ने बताया कि हम उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस रिपोर्ट पर अमल करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने में कोई कोताही न बरते. देश की एकता और हिंदू समाज की सुरक्षा किसी भी समझौते का विषय नहीं हो सकती.
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