उत्तर प्रदेश के संभल दो पक्षों में जमकर बवाल हो गया. सरायतरीन इलाके में अवैध अतिक्रमण को हटाने गई नगर पालिका प्रशासन की टीम का मुस्लिम पक्ष ने विरोध किया. इस दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोक हुई.
इस विवाद के चलते बीच बाजार में तनाव पैदा हो गया और दहशत के मारे बाजार को बंद कराना पड़ा. सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी ने तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हालात पर काबू पाया.
हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन कस्बे के निवासी पराग वार्ष्णेय और कुछ लोगों ने कुछ समय पहले जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया था. उनकी शिकायत थी कि मुख्य बाजार में कुछ लोग घरों के आगे अवैध फड़ और ठेले लगाकर रास्ते पर कब्जा कर रहे हैं.
आपस में भिड़े दो पक्ष
इस मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कर रहे थे. गुरुवार को पैमाइश के बाद, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नगर पालिका के जेई अमन कुमार और संपत्ति लिपिक रमेश कुमार पुलिस बल और बुलडोजर के साथ चार दुकानों को चिन्हित करने पहुंचे थे. टीम के पहुंचते ही दोनों समुदायों के लोग जमा हो गए.
मुस्लिम पक्ष के फखरुद्दीन ने जमीन खुद की होने का दावा करते हुए विरोध जताया, जिसके बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई.
दोनों पक्षों के अलग-अलग तर्क
मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि ये उनकी निजी जमीन है, जिस पर सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और हाईकोर्ट से स्टे भी मिला हुआ है. फखरुद्दीन ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर होकर पराग और दूसरे लोग उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और नगर पालिका की टीम उनका साथ दे रही है.
वहीं, शिकायतकर्ता पराग वार्ष्णेय का कहना है कि राजस्व विभाग और नगर पालिका की पैमाइश में ये साबित हो चुका है कि संपत्ति उनकी नहीं है. इसके साथ ही हिंदू परिवारों के घरों के आगे से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे.
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मौके पर तनाव को देखते हुए सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि नगर पालिका की टीम को देखकर लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिया है और जमीन के कब्जे की जांच सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही है. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने के बाद हालात काबू में है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर लगातार पैदल गश्त की जा रही है.
अभिनव माथुर