वाराणसी में ठहरे महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के निवासी जया मुखर्जी और उनके बेटे ईशान मुखर्जी ने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. यह दुखद घटना 9 अगस्त को परिवार के मुखिया विशाल मुखर्जी की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद घटी.
11 जुलाई को वाराणसी के लक्सा इलाके में स्थित वाची होमस्टे पहुंचे इस परिवार के सदस्य 7 अगस्त से होमस्टे में रुके हुए थे. विशाल की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके सदमे में आकर पत्नी और बेटे ने होमस्टे के बंद कमरे में जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली.
विशाल मुखर्जी की मौत के बाद मां-बेटे वापस होमस्टे आ गए थे. रात तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर जया मुखर्जी और उनके बेटे ईशान मुखर्जी के शव बेड पर पड़े मिले. दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था और कमरे में उल्टी के निशान भी मौजूद थे.
फोरेंसिक जांच में मिला सल्फास, पुलिस जांच जारी
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने गहन जांच की, जिसके दौरान कमरे से सल्फास बरामद हुआ. काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि एक दिन पहले परिवार के मुखिया विशाल मुखर्जी की तबीयत खराब होने पर उन्हें बीएचयू में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. इसी बात से परेशान होकर पत्नी और बेटे ने आत्महत्या कर ली. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
रोशन जायसवाल