मेरठ में डिलीवरी के दौरान गर्भवती की मौत, 11 यूनिट ब्लड भी नहीं बचा सका जान, नवजात सुरक्षित

मेरठ के अजंता अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती राधा की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से लगातार रक्तस्राव हुआ. महिला को बचाने के लिए 11 यूनिट ब्लड की व्यवस्था की गई, लेकिन जान नहीं बच सकी. नवजात बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है. पति ने दो डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है.

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मेरठ में डिलीवरी के दौरान गर्भवती की मौत. (Photo: Screengrab) मेरठ में डिलीवरी के दौरान गर्भवती की मौत. (Photo: Screengrab)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ ,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:01 PM IST

मेरठ में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत के बाद निजी अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ. गढ़ रोड स्थित अजंता अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. परिवार का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से महिला का रक्तस्राव नहीं रुका. उसे बचाने के लिए 11 यूनिट ब्लड की व्यवस्था की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. महिला ने ऑपरेशन के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया, जो स्वस्थ बताई जा रही है. मामला मेडिकल थाना क्षेत्र का है. मुंडाली थाना क्षेत्र के मुरलीपुर गांव निवासी बृजनंदन गांव में मेडिकल स्टोर चलाते हैं. उनकी शादी करीब पांच साल पहले रोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली राधा से हुई थी. बताया गया है कि दंपती के एक बेटा और एक बेटी हैं.

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12 अक्टूबर को अस्पताल में कराया था भर्ती

परिजनों के मुताबिक, गर्भवती राधा को 12 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे गढ़ रोड स्थित अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की सलाह दी. परिवार की सहमति के बाद उपचार शुरू किया गया. पति की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे अस्पताल की ओर से ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था करने को कहा गया. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार राधा की हालत के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला. परिवार का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से लगातार रक्तस्राव होता रहा. हालत बिगड़ने पर 11 यूनिट ब्लड की व्यवस्था की गई, लेकिन महिला की स्थिति में सुधार नहीं हुआ.

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परिजनों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वे राधा को देखने पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ उसे सीपीआर दे रहा था. कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसकी मौत की जानकारी दी. इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. सूचना मिलने पर मेडिकल, नौचंदी और लिसाड़ी गेट थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव ले जाने से इनकार करते रहे. पुलिस अधिकारियों के समझाने और आश्वासन के बाद वे शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हो गए.

मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने किया हंगामा

महिला के पति ने दो डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है. सिविल लाइन की सीओ दीक्षा भौरिया ने बताया कि 13 अक्टूबर 2026 को मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित अजंता अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मृत्यु हो गई थी. परिजनों ने विरोध जताते हुए तहरीर दी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
 

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