मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप से डंसवाने का नाटक करने के मामले में मौत की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की जेल में बेचैनी बढ़ गई है. अदालत से सजा सुनने के बाद दोनों फूट-फूटकर रोने लगे. दोनों ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और नीचे बैठ गए. रात में दोनों ने खाना भी नहीं खाया. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक दोनों को इस बात का एहसास नहीं था कि उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है.
रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को कैदी नंबर 400 आवंटित किया गया
जेल में रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को कैदी नंबर 400 आवंटित किया गया है. दोनों को कपड़े भी उपलब्ध करा दिए गए हैं. सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों की मानसिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है. उनकी काउंसलिंग भी कराई गई है, ताकि उन्हें इस स्थिति से उबरने में मदद मिल सके.
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि रविता की तबीयत खराब हो गई थी. उसे बुखार की गोली दी गई है. दोनों की हालत को देखते हुए जेल प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. अमरदीप पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है, जबकि रविता की देखरेख के लिए एक महिला कर्मचारी को लगाया गया है.
जेल प्रशासन ने रविता को बैग सिलने के काम में लगाने की व्यवस्था की है. वहीं, अमरदीप को अभी काम आवंटित किया जाना बाकी है. जेल में रविता और मुस्कान को अलग-अलग बैरक में रखा जाएगा. दोनों पहले अक्सर आपस में बातचीत करती थीं, लेकिन अब उनकी बैरक अलग होंगी.
मेरठ जेल में बढ़ाई गई मुस्कान और रविता की सुरक्षा
वहीं सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान ने अभी तक अपने परिजनों को कोई पत्र नहीं लिखा है. उसने जेल से ही अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है. अपील के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को पत्र लिख दिया गया है, ताकि उसे कानूनी सहायता मिल सके.
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में गंभीर मामलों में बंद अन्य कैदी भी इस तरह के फैसलों को लेकर चिंतित और डरे हुए हैं. मेरठ जेल के इतिहास में यह पहली बार है, जब दो महिला बंदियों को एक साथ मौत की सजा सुनाई गई है. जेल प्रशासन दोनों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
उस्मान चौधरी