‘CO साहब हाजिर हो’, दो बार नहीं पहुंचे तो कोर्ट ने दिया गिरफ्तारी का आदेश, वेतन रोकने का भी आदेश

कौशांबी के CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को कोर्ट में पेश न होना भारी पड़ गया. वाराणसी की विशेष SC/ST अदालत ने दो बार VC से बुलाए जाने के बावजूद गवाही देने नहीं पहुंचने पर उनके खिलाफ NBW जारी किया है. कोर्ट ने उनका वेतन रोकने और 10 सितंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है.

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CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी. (Photo: Screengrab) CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी. (Photo: Screengrab)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी ,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

कौशांबी के सिराथू सर्कल में CO ट्रैफिक के पद पर तैनात सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के लिए कोर्ट की अवमानना करना भारी पड़ गया है. वाराणसी की विशेष न्यायाधीश SC/ST एक्ट की अदालत ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया है. मामला वर्ष 2018 के एक केस से जुड़ा है, जिसमें सत्येंद्र प्रसाद तिवारी विवेचक रहे थे. इस मामले में कोर्ट में उनकी गवाही होनी थी. अदालत ने उन्हें गवाही के लिए कई बार बुलाया, लेकिन पिछली दो तारीखों पर वह कोर्ट के सामने उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद अदालत ने उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया.

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वाराणसी के विशेष न्यायाधीश SC/ST सुधाकर राय की अदालत में सत्र परीक्षण संख्या 401/2018, राज्य बनाम तौफिक आलम वगैरह की सुनवाई चल रही है. इस मामले में पत्रावली पर विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और डॉक्टर साक्षी की गवाही होनी थी. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए बुलाया गया था. पहली तारीख 13 अगस्त 2026 रखी गई थी. लेकिन उस दिन वह तिरंगा यात्रा की वजह से उपस्थित नहीं हो सके.

दो बार VC से बुलाया, फिर भी नहीं पहुंचे

इसके बाद अदालत ने दोबारा 24 अगस्त 2026 को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए बुलाया. लेकिन इस तारीख पर भी वह VC के माध्यम से साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख 1 सितंबर 2026 तय की. लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए अदालत ने माना कि साक्षी जानबूझकर साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं हो रहा है. विशेष न्यायाधीश SC/ST सुधाकर राय की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्रावली में केवल दो साक्षियों का साक्ष्य होना है. इनमें विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और डॉक्टर साक्षी शामिल हैं.

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अदालत के मुताबिक, सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को VC के जरिए गवाही के लिए बुलाया गया था. लेकिन दो अलग-अलग तारीखों पर बुलाए जाने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुए. कोर्ट ने उनकी लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि साक्षी जानबूझकर साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं आ रहा है. अदालत ने अब सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गवाही के लिए NBW यानी गैर-जमानती वारंट के जरिए तलब किया है. कोर्ट ने SP ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया है कि साक्षी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को साक्ष्य के लिए न्यायालय में पेश किया जाए.

यानी अब उन्हें कोर्ट में गवाही देने के लिए गिरफ्तार कर पेश किया जाना है. अदालत ने इस मामले में पुलिस को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने सिर्फ गिरफ्तारी का आदेश ही नहीं दिया, बल्कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया है. अदालत के आदेश के मुताबिक, सत्येंद्र प्रसाद तिवारी वर्तमान में CO ट्रैफिक कौशांबी के पद पर तैनात हैं. इसलिए उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया गया है.

इसके लिए चीफ ट्रेजरी ऑफिसर को आदेश दिया गया है कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी, CO ट्रैफिक का वेतन आहरण आगे के आदेश तक रोक दिया जाए. अदालत ने अपने आदेश की एक प्रति अनुपालन के लिए SP ट्रैफिक पुलिस और CTO वाराणसी को तत्काल पुलिस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भेजने का निर्देश भी दिया है. दरअसल, पूरा मामला वर्ष 2018 में दर्ज एक केस की सुनवाई से जुड़ा है. सत्र परीक्षण संख्या 401/2018 राज्य बनाम तौफिक आलम वगैरह के इस मामले में सत्येंद्र प्रसाद तिवारी विवेचक रहे थे.

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मामले की सुनवाई के दौरान अब उनकी गवाही जरूरी थी. कोर्ट में पत्रावली पर विवेचक और चिकित्सक साक्षी की गवाही होनी थी. इसी सिलसिले में सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को VC के जरिए अदालत के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया था. लेकिन लगातार दो तारीखों पर उनकी गैरहाजिरी के बाद अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया.

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद वायरल हुआ था वीडियो

CO सत्येंद्र तिवारी हाल ही में उस समय भी चर्चा में आए थे, जब कौशांबी की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में सत्येंद्र तिवारी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते नजर आए थे. घटना के बाद मृतकों के परिवारों से उनका इस तरह मिलना सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था.

हालांकि अब उनका नाम एक अलग वजह से सुर्खियों में है. वाराणसी की विशेष SC/ST अदालत ने 2018 के एक मामले में गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया है. अदालत ने मामले की अगली कार्रवाई के लिए 10 सितंबर 2026 की तारीख तय की है. आदेश के मुताबिक, इसी दिन सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाना है. कोर्ट ने पुलिस और ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों को भी अपने-अपने स्तर पर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं.

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इस मामले में अदालत का रुख इसलिए भी सख्त हुआ क्योंकि विवेचक के तौर पर सत्येंद्र प्रसाद तिवारी की गवाही मामले की सुनवाई का हिस्सा है. उन्हें VC के जरिए उपस्थित होने का मौका दिया गया था, लेकिन दो तारीखों पर वह अदालत के सामने नहीं आए. अब कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट के जरिए उन्हें तलब किया है और पुलिस को गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया है. साथ ही अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया है.

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