अबॉर्शन के नाम पर निकाल दी आंत! बस्ती में झोलाछाप का खौफनाक खेल, जिंदगी और मौत के बीच झूलती नाबालिग

बस्ती में अवैध अबॉर्शन के दौरान झोलाछाप की लापरवाही से एक नाबालिग की बच्चेदानी फट गई और आंत निकालनी पड़ी. बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी कर उसकी जान बचाई. स्वास्थ्य विभाग ने अवैध 'परम अस्पताल' को सील कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

Advertisement
सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

aajtak.in

  • बस्ती ,
  • 16 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक नाबालिग गर्भवती के अवैध अबॉर्शन के दौरान झोलाछाप की लापरवाही से जिंदगी दांव पर लग गई. अनट्रेंड हाथों से किए गए खतरनाक ऑपरेशन में किशोरी की आंत और बच्चेदानी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उसकी जान बचाई गई.

आपको बता दें कि जिले के कैली रोड स्थित बिना रजिस्टर्ड 'परम अस्पताल' में 9 अक्टूबर की रात एक नाबालिग छात्रा का अवैध गर्भपात किया गया. केपी मिश्रा उर्फ मोनू नामक झोलाछाप टेक्नीशियन ने बिना चिकित्सकीय ज्ञान के गर्भपात का प्रयास किया, जिससे किशोरी की बच्चेदानी फट गई और आंत को भारी नुकसान पहुंचा. 

Advertisement

बहुत ज्यादा रक्तस्राव और हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले बस्ती और फिर गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी कर उसकी जान बचाई. स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है.

झोलाछाप के जाल में फंसी जिंदगी

पीड़िता बस्ती के एक प्रतिष्ठित इंटर कॉलेज की छात्रा है, जिसके पिता अयोध्या में प्रसाद की दुकान चलाते हैं. पड़ोस के एक युवक के संपर्क में आने के बाद वह साढ़े पांच महीने की गर्भवती हो गई थी. परिवार ने मामले को छिपाने के लिए उसे केपी मिश्रा उर्फ मोनू नामक कथित झोलाछाप के पास पहुंचाया, जहां से लापरवाही का खौफनाक दौर शुरू हुआ.

बच्चेदानी फटी और निकालनी पड़ी आंत

बीते 9 अक्टूबर की रात झोलाछाप द्वारा गर्भपात की गैरकानूनी प्रक्रिया के दौरान मेडिकल प्रोटोकॉल के अभाव में स्थिति बेकाबू हो गई. इस अमानवीय प्रक्रिया में किशोरी की बच्चेदानी फट गई और छोटी आंत इस तरह क्षतिग्रस्त हुई कि डॉक्टरों को उसे निकालना पड़ गया. लगातार भारी रक्तस्राव और असहनीय दर्द से किशोरी की हालत गंभीर हो गई.

Advertisement

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ इलाज

हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बस्ती के कैली मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया. गोरखपुर के डॉक्टर दुर्गेश कुमार ने बताया कि बच्ची को बेहद गंभीर हालत में लाया गया था, जहां आपातकालीन ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई गई, हालांकि अभी भी उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है.

स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल

इस घटना ने बस्ती की चिकित्सा व्यवस्था और झोलाछाप के काले कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीएमओ डॉक्टर राजीव निगम ने मामले का संज्ञान लेते हुए अवैध अस्पताल को सील करने और लापरवाहों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है. वहीं, पीड़िता के स्वस्थ होने के बाद परिजनों ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है.

---- समाप्त ----
- बस्ती से सतीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »