कोई बनी एक दिन की DM, किसी ने संभाली प्रिंसिपल की कुर्सी.... फतेहपुर में अनूठी पहल, स्कूल की बेटियों ने पेश की मिसाल

Fatehpur Mission Shakti News: फतेहपुर के प्राथमिक विद्यालय अस्ती में मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को बनाया गया एक दिन का डीएम और प्रिंसिपल. राहेमीन ने बच्चों को पढ़ाया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

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स्कूल की हेडमिस्ट्रेस आसिया फारुकी की अनूठी पहल.(Photo:ITG) स्कूल की हेडमिस्ट्रेस आसिया फारुकी की अनूठी पहल.(Photo:ITG)

नीतेश श्रीवास्तव

  • फतेहपुर ,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:28 PM IST

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण को समर्पित 'मिशन शक्ति फेज-6' के तहत एक बेहद प्रेरणादायक और अनूठी पहल देखने को मिली है. जिले के प्राथमिक विद्यालय अस्ती में छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास जगाने और उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान कक्षा चार और पांच की दो मेधावी छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए जिला कलेक्टर (DM) और स्कूल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंपी गई.

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विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आसिया फारुकी की अनूठी पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.

एक दिन की प्रिंसिपल

कक्षा चार की छात्रा राहेमीन को विद्यालय की प्रिंसिपल बनाया गया. उन्होंने प्रधानाध्यापिका की कुर्सी संभालते हुए कक्षाओं में जाकर बच्चों को पढ़ाया और उनकी शैक्षणिक समस्याएं भी सुनीं.

एक दिन की डीएम

कक्षा पांच की छात्रा सोनाक्षी को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे दोनों छात्राओं ने नजदीक से समझा कि प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यप्रणाली किस प्रकार संचालित होती है.

इन नन्ही बालिकाओं ने अपनी जिम्मेदारियों को जिस बेहतरीन तरीके से निभाया, उसने यह संदेश दिया कि यदि बेटियों को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वे हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका बखूबी निभा सकती हैं. देखें VIDEO:- 

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इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सिर्फ प्रशासनिक कामकाज ही नहीं सिखाया गया, बल्कि बाल सुरक्षा और महिला अधिकारों पर भी खास जोर दिया गया. छात्र-छात्राओं ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी आपस में शेयर की. इसके जरिए बच्चों को यह समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति या परेशानी में वे कैसे तुरंत मदद मांग सकते हैं और सुरक्षित रह सकते हैं. 

कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यालय परिसर में एक आकर्षक डांडिया कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. पढ़ाई, सुरक्षा जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के इस खूबसूरत मेल ने बच्चों को सीखने के साथ-साथ अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर प्रदान किया.

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