बीजेपी-सपा-कांग्रेस को यूपी में प्रदेश अध्यक्ष तो मिले लेकिन अब तक नहीं बना सके टीम

यूपी में बीजेपी हो, सपा हो या फिर कांग्रेस... तीनों ही दलों को कई महीने पहले उनके प्रदेश अध्यक्ष मिल चुके हैं लेकिन अभी तक वे प्रदेश में टीम नहीं खड़ी कर पाए हैं. प्रदेश में नगर निकाय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ये दल आखिर कब तक अपनी टीम की घोषणा करेंगे?

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बीजेपी में भूपेंद्र चौधरी, सपा में नरेश उत्तम, कांग्रेस में ब्रजलाल (बाएं से) हैं यूपी चीफ (फाइल फोटो) बीजेपी में भूपेंद्र चौधरी, सपा में नरेश उत्तम, कांग्रेस में ब्रजलाल (बाएं से) हैं यूपी चीफ (फाइल फोटो)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, लेकिन सियासी दलों की नजर मिशन-2024 पर टिकी है. विधानसभा चुनाव के फौरन बाद ही बीजेपी ने भूपेंद्र सिंह चौधरी, सपा ने नरेश उत्तम पटेल और कांग्रेस ने ब्रजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था, लेकिन तीनों ही पार्टी के अध्यक्ष अभी तक अपनी-अपनी टीम का गठन नहीं कर सके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी, कांग्रेस और सपा की प्रदेश टीम की घोषणा कब होगी? 

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भूपेंद्र चौधरी कब बनाएंगे नई टीम? 

स्वतंत्रदेव सिंह की जगह भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 29 अगस्त को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली थी. इस तरह से उन्हें अब चार महीने होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक वे नई टीम नहीं बना सके हैं. अवध क्षेत्र में क्षेत्रीय अध्यक्ष का पद बीते छह महीने से खाली है. प्रदेश संगठन से जुड़े लोगों को योगी सरकार में शामिल किया गया है, जिसमें दयाशंकर सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, जेपीएस राठौर और नरेंद्र कश्यप हैं. ऐसे में बीजेपी के संगठन में बड़े बदलाव की जरूरत है, लेकिन अभी तक नई टीम गठित नहीं हो सकी. 

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी 2023 को समाप्त हो रहा है. इस तरह फरवरी में पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है. नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले प्रदेश टीम का गठन होना जरूरी है, लेकिन निकाय चुनाव के चलते भूपेंद्र चौधरी कशमकश में फंसे हुए हैं. माना जा रहा है कि निकाय चुनाव चार-पांच महीने टालने की स्थिति बनी तो पार्टी की नई टीम जनवरी तक गठित हो जाएगी.  

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बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी कहते हैं कि नई टीम के गठन का मामला नगर निकाय चुनाव के चलते टल रहा है. हाई कोर्ट के फैसले से अगर नगर निकाय चुनाव आगे खिसकते हैं, तो नई टीम का गठन जनवरी में कर लिया जाएगा. चुनाव नहीं टलते हैं तो फिर पहली प्रथामिकता चुनाव होगी और उसके बाद संगठन का गठन किया जाएगा. ऐसे में सभी की निगाहें हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं और उसी लिहाज से भूपेंद्र चौधरी की टीम का गठन होगा. 

सपा की टीम कब बनाएंगे उत्तम? 

सपा के अधिवेशन में नरेश उत्तम को उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की कमान दोबारा 28 सितंबर को सौंपी गई. इस तरह से उन्हें तीन महीने हो रहे हें प्रदेश अध्यक्ष बने हुए, लेकिन अभी तक टीम नहीं गठित हो पाई है. हालांकि, उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के कुछ दिनों के बाद भी मुलायम सिंह यादव बिमार हो गए थे और फिर आठ अक्टूबर को उनका निधन हो गया था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले पिता के इलाज और फिर उनके अंतिम संस्कार में पूरी तरह से उलझे हुए थे. इसके बाद सपा मैनपुरी, रामपुर और खतौली उपचुनाव में जुट गई थी, इसके चलते नई टीम का गठन नहीं हो सका. 

साल 2020 में बनी सपा टीम के सहारे नरेश उत्तम निकाय चुनाव में सपा की नैया पार लगाने में जुटे हैं, क्योंकि यह टीम भी उनके कार्यकाल में बनी है. माना जा रहा है कि इसीलिए पुरानी टीम पर भरोसा बनाए हुए हैं, लेकिन दो सालों में बहुत कुछ बदल गया है. विधानसभा चुनाव के दौरान सपा संगठन के कई नेता पार्टी छोड़कर चले गए हैं तो कुछ नए नेता आए हैं. ऐसे में 2024 का चुनाव सिर पर है और नरेश उत्तम अपनी पुरानी टीम के दम पर बीजेपी से दो-दो हाथ कर रहे हैं. 

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कांग्रेस की टीम कब बनाएंगे खाबरी? 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने बृजलाल खाबरी को सूबे में पार्टी की कमान सौंपी थी. एक अक्टूबर को बृजलाल खाबरी प्रदेश अध्यक्ष बने और उनके साथ  नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, नकुल दुबे, वीरेंद्र चौधरी, योगेश दीक्षित, अनिल यादव को प्रांतीय अध्यक्ष बनाया गया. खाबरी को अध्यक्ष बने भी तीन महीने होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक प्रदेश संगठन नहीं बना सके हैं. 

कांग्रेस के संगठन सचिव अनिल यादव ने आजतक के बताया कि निकाय चुनाव के चलते कई फैसले टल रहे हैं. संगठन में बहुत ज्यादा फेरबदल नहीं होना है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले ही टीम बनी है और ठीक-ठाक काम कर रही है. ऐसे में संगठन में कुछ लोगों को प्रमोट किया जाएगा तो उन जगहों पर कुछ चेहरे जरूर लाए जाएंगे. इसके अलावा पुरानी टीम के ज्यादातर सदस्य ही अपने पद पर बने रहेंगे.

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