कौन है बलिया का राज सिंह उर्फ चंदन? शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में हुआ अरेस्ट; रडार पर बिहार-पूर्वांचल के शूटर

शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. यूपी के बलिया और बिहार के बक्सर से तीन शूटरों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों की एक छोटी सी तकनीकी गलती ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का राज खोल दिया.

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जानिए बलिया के राज सिंह का आपराधिक इतिहास (Photo- ITG) जानिए बलिया के राज सिंह का आपराधिक इतिहास (Photo- ITG)

संतोष शर्मा / अनिल अकेला

  • अयोध्या/बलिया/कोलकाता ,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

पश्चिम बंगाल के सीएम बने शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोप में यूपी के बलिया के राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया है. कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया. दरअसल, 6 मई की रात नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम में नकाबपोश हमलावरों ने चंद्रनाथ की एसयूवी रोककर उनकी हत्या कर दी थी. पुलिस की विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया. शूटरों ने वारदात के बाद भागते समय बाली टोल प्लाजा पर यूपीआई (UPI) के जरिए टोल टैक्स का भुगतान किया था, जिससे पुलिस उनके मोबाइल नंबर तक पहुंच गई.

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UPI ट्रांजैक्शन और टोल प्लाजा का सुराग

हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के बावजूद आरोपियों ने एक बड़ी चूक कर दी. वारदात के बाद सिल्वर रंग की कार से भाग रहे शूटरों ने बाली टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने के बजाय यूपीआई का इस्तेमाल किया. 

इसी ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक कर पुलिस कातिलों की दहलीज तक पहुंच गई. टोल प्लाजा पर लगे हाई डेफिनिशन कैमरों ने कार और उसमें बैठे लोगों के चेहरे साफ कर दिए, जिससे जांच एजेंसियों को आरोपियों की पहचान करने में बड़ी मदद मिली.

फर्जी नंबर प्लेट और क्लोन कार का खेल

शूटरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए सिल्वर रंग की हैचबैक कार पर सिलीगुड़ी की एक असली कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी. जांच में सामने आया कि अपराधियों ने ऑनलाइन सेल पोर्टल से एक कार की फोटो देखकर उसकी क्लोन नंबर प्लेट तैयार की थी. इस चालाकी का मकसद जांच एजेंसियों को भ्रमित करना था, ताकि कार को ट्रैक न किया जा सके. हालांकि, तकनीकी फुटप्रिंट्स और सीसीटीवी फुटेज के सामने अपराधियों की यह शातिर चाल नाकाम साबित हुई और पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया.

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बलिया के राज सिंह का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार मुख्य आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन बलिया के आनंद नगर का निवासी है और क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी है. राज सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उस पर साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप है और वह फिलहाल जमानत पर था. उसके सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद हैं. राज सिंह बलिया के एक भाजपा नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था, जहाँ से लौटते समय उसे अयोध्या में दबोच लिया गया.

बिहार और पूर्वांचल के शूटरों का हाथ

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बिहार और पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों को बुलाया गया था. मयंक राज और विक्की मौर्य को बक्सर से पकड़ा गया, जबकि राज सिंह के बक्सर कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. आरोपियों ने 6 मई की रात मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गाड़ी रोककर उन पर हमला किया था. फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों को कोलकाता ले गई है, जहां उनसे हत्या की मुख्य वजह और साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड के बारे में कड़ी पूछताछ की जाएगी.

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