360 डिग्री वाले सीसीटीवी, वीडियोग्राफर और नई टीम... राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का पूरा सिस्टम बदल गया

राम मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालु जिस श्रद्धा से दानपात्र में अपनी भेंट डालते हैं, अब उस भेंट की सुरक्षा के लिए व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है. चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है. अब दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावे की गिनती पूरी होने तक हर कदम कैमरे की निगरानी में होगा.

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किसी भी तरह की स्थिति में बना रहेगा पूरा रिकॉर्ड. (Photo: Representational) किसी भी तरह की स्थिति में बना रहेगा पूरा रिकॉर्ड. (Photo: Representational)

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

राम मंदिर में श्रद्धालु जब दानपात्र में पैसे डालते हैं, तो उनके मन में एक ही भरोसा होता है कि ये चढ़ावा भगवान राम के चरणों तक पहुंचेगा. लेकिन कुछ दिन पहले कथित चढ़ावा चोरी के मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया था. अब उसी मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरा सिस्टम बदल दिया है.

अब दानपात्र से निकला हर नोट, हर सिक्का और हर कदम कैमरे में रिकॉर्ड होगा. सिर्फ सीसीटीवी ही नहीं, बल्कि अलग से वीडियोग्राफर भी पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग करेंगे. यानी दानपात्र खुलने से लेकर चढ़ावे की गिनती पूरी होने तक हर मूवमेंट का वीडियो सबूत मौजूद रहेगा.

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हाल ही में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत अब दानपात्रों को अलग-अलग दिनों में खोला जा रहा है. दानपात्र तक खाली बॉक्स ले जाने, दानपात्र से चढ़ावा निकालकर उसमें रखने, बॉक्स को सील करने और फिर गणना कक्ष तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है.

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मंदिर परिसर में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा हर गतिविधि को अलग से वीडियो कैमरे में भी रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसके लिए मंदिर प्रशासन ने दो वीडियोग्राफरों की तैनाती की है. इनका काम पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाली हर गतिविधि को रिकॉर्ड करना है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति में पूरा रिकॉर्ड बना रहे.

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सिर्फ कैमरे ही नहीं, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक टीम भी बनाई गई है. इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के दो कर्मचारी, ट्रस्ट के दो प्रतिनिधि और सुरक्षा एजेंसी के दो प्रतिनिधि शामिल रहते हैं. सभी की मौजूदगी में दानपात्र खोले जाते हैं और चढ़ावे को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित बॉक्स में रखा जाता है.

दानपात्र से चढ़ावा निकालने के बाद बॉक्स को गणना कक्ष तक लाया जाता है. वहां स्टेट बैंक के अधिकारी की मौजूदगी में बॉक्स को सील किया जाता है. इसके बाद चढ़ावे की गिनती भी तय प्रक्रिया के तहत होती है. इस पूरी कवायद को मंदिर परिसर में लगे 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफर लगातार रिकॉर्ड करते हैं.

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पहले चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारियों में बदलाव किया था. अब पूरी प्रक्रिया को तकनीकी निगरानी के दायरे में लाकर सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करने की कोशिश की है.

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