राम मंदिर चंदा विवाद: रडार पर चंपत राय के करीबी, एक ही दिन में दो बार पूछताछ

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन को लेकर चल रही जांच के बीच मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव को सोमवार को दिनभर में दो बार मंदिर परिसर बुलाया गया. एसआईटी की मौजूदगी के दौरान उनकी गतिविधियों ने मामले को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं. मीडिया के सवालों पर गोपाल राव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधे रखी. इस बीच राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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गोपाल राव जवाब देने से बचते नजर आए. Photo ITG गोपाल राव जवाब देने से बचते नजर आए. Photo ITG

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:53 PM IST

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव की गतिविधियां चर्चा का विषय बन गई हैं. सोमवार को उन्हें दिनभर में दूसरी बार राम मंदिर परिसर में बुलाया गया. इससे मामले को लेकर अटकलों का दौर और तेज हो गया है.

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे जब विशेष जांच दल (एसआईटी) मंदिर परिसर पहुंची, उस समय गोपाल राव पहले से ही अंदर मौजूद थे. वह करीब साढ़े पांच बजे मंदिर से बाहर निकले, लेकिन इसके लगभग डेढ़ घंटे बाद शाम 7 बजे एक बार फिर मंदिर परिसर में प्रवेश करते देखे गए.

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मीडिया द्वारा चढ़ावा चोरी के आरोपों और जांच से जुड़े सवाल पूछे जाने पर गोपाल राव जवाब देने से बचते नजर आए. कार के बंद शीशों के पीछे बैठे गोपाल राव ने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए.

राम मंदिर की व्यवस्थाओं में गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका
राम मंदिर की व्यवस्थाओं में गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है. मंदिर के रखरखाव, साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और चढ़ावे के प्रबंधन समेत कई अहम जिम्मेदारियां उनके पास हैं. ऐसे में जांच के दौरान उनका बार-बार मंदिर बुलाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, गोपाल राव को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता है. हालांकि, जांच एजेंसियों या ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

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चढ़ावा प्रबंधन और कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के बीच अब सभी की नजर एसआईटी की रिपोर्ट और ट्रस्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

संतोष दुबे का बड़ा आरोप, ट्रस्ट पदाधिकारियों की संपत्ति जांच की मांग
राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित लोगों की संपत्तियों की भी जांच हो. संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में कुछ प्रमुख लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियां संबंधित लोगों से गहन पूछताछ करें तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

संतोष दुबे ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण आंदोलन के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं और कारसेवकों द्वारा दान की गई कई मूल्यवान वस्तुओं का भी आज तक कोई स्पष्ट हिसाब सामने नहीं आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न चरणों में अनियमितताओं के आरोप पहले भी उठते रहे हैं.

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