'अयोध्या के विकास के नाम पर गरीबों का घर तोड़ा गया...', BJP पर बरसे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में विकास के नाम पर गरीबों के घर उजाड़े गए और लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला. अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनी तो प्रभावित लोगों को हर्जाना दिया जाएगा.

Advertisement
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव. (Photo: ITG) सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव. (Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST

समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक फिर बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा  इधर देख रहे हैं कि सरकार हर स्तर पर मनमानी कर रही है. हर व्यवस्था को तहस-नहस किया जा रहा है. जो लोग तोड़फोड़ में विश्वास करते हों, चाहे वो संविधान या नियम हो या हक और सम्मान की बात हो सरकार को कोई परवाह नहीं है. अयोध्या में लोगों के घर गिरा दिए गए. उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया गया. हमारी सरकार बनने पर इन लोगों को इसका हर्जाना दिया जायेगा.

Advertisement

अयोध्या के विकास में सपा कभी रोड़ा नहीं बन सकती: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि  राम और अयोध्या के विकास में सपा कभी भी रोड़ा नहीं बन सकती है. सपा को जब मौका मिलेगा तो अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाया जाएगा. बीजेपी कहती थी कि अयोध्या का अन्य जगहों से बेहतर विकास करेंगे. बीजेपी सरकार ने अयोध्या के विकास के नाम पर गरीबों की बस्ती और उनके घरों को उजाड़ने का काम कर रही. एक समय था एक व्यक्ति ने सरयू नदी में खड़े होकर कहा था कि हम बीजेपी को कभी वोट नहीं देंगे. सरकार ने अयोध्या में गरीबों का घर गिरा दिया.

हम और आप सोचते हैं कि इलेक्शनल कमिश्नर निष्पक्ष है. 14 बार पिछले 10 महीनों में अधिकारियों ने नोट लिखा है और पूछ रहे हैं कि किसके लिए EC इस तरह का व्यवहार कर रही है. जो निष्पक्ष इंस्टीट्यूशन हैं, वो भी निष्पक्ष नहीं रहा है. मैंने 2024 की जीत के बाद भी यूपी में यह आरोप लगाया था. हम लोगों ने तो एफिडेविट के साथ जानकारी भी दी थी लेकिन किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.

Advertisement

बंगाल में 3 लाख फोर्स लगाकर चुनाव लड़ा गया
हम चुनाव आयोग से उम्मीद करते हैं निष्पक्ष होने का लेकिन 10 महीने में 14 बार इलेक्शन कमीशन के अधिकारियों ने नोट लिखा है. 2022 विधानसभा चुनाव हारने के बाद हमने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया और 28 हज़ार से ज़्यादा एफिडेविट दिए. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और फिर बाय इलेक्शन में भी ऐसा हुआ और बाय इलेक्शन में बड़े पैमाने पर बेईमानी हुई थी. उस समय मुझे मजबूरी में लोकसभा में कफ़न लेकर जाना पड़ा कि मर चुका है चुनाव आयोग.

हाल ही में किस तरह से बिहार का चुनाव हुआ, किस तरह से बंगाल का हुआ फ़ोर्स के माध्यम से चुनाव लड़ा, जो यूपी का मॉडल था उसे बड़े स्तर पर बंगाल में लागू किया और 3 लाख फोर्स लगाकर चुनाव लड़ा गया. SIR में भी ऐसा ही हुआ और यूपी में फर्ज़ी फॉर्म 7 भरवाए गए, सुल्तानपुर में भी ऐसा हुआ. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »