रोज पति के पैरों को अपने दांतों से काटती थी महिला... रुला देगी वजह

एक महिला अपने पति के पैरों में रोज दांत काटती थी. ऐसा करने के पीछे जो वजह थी, उसे जानकर किसी के भी आंख से आंसू आ जाएंगे. चलिए जानते हैं आखिर वो ऐसा क्यों कर रही थी.

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पत्नी की इस अनोखी कोशिश ने पति को दिया नया जीवन (Photo - AI Generated) पत्नी की इस अनोखी कोशिश ने पति को दिया नया जीवन (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:15 PM IST

कई बार प्यार और उम्मीद ऐसी चीजें कर दिखाते हैं, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. चीन में एक महिला ने अपने कोमा में पड़े पति को होश में लाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. 

डॉक्टरों की सलाह पर उसने रोज अपने पति के हाथ-पैरों की मालिश की, लेकिन एक दिन उसने उनके पैर की उंगली पर गलती से हल्का-सा दांत काट लिया. तभी उसे पति के शरीर में हल्की प्रतिक्रिया महसूस हुई. बस फिर क्या था, उसने इसे अपनी रोज की थेरेपी बना लिया. कुछ साल बाद उसके पति ने आंखें खोल दीं और आखिरकार उससे तीन शब्द कहे- आई लव यू.

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यह कहानी चीन के रहने वाले झाओ जिनकियान  और उनकी पत्नी सोंग मेई की है, जिनकी जिंदगी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई.

3 साल के बच्चे को बचाते हुए खुद हो गए घायल
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2019 में झाओ एक गोदाम की छत पर चढ़े थे. वहां एक तीन साल का बच्चा किसी तरह पहुंच गया था और उसकी जान खतरे में थी. झाओ ने बिना अपनी जान की परवाह किए बच्चे को बचाने की कोशिश की. तभी छत का एक हिस्सा टूट गया और दोनों करीब 20 फीट नीचे गिर गए.

गिरते समय झाओ ने बच्चे को अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया और अपना शरीर इस तरह मोड़ लिया कि गिरने का पूरा झटका उन्हें लगे, बच्चे को नहीं.

बच्चे की जान बच गई, लेकिन झाओ बुरी तरह घायल हो गए. उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गईं और सबसे गंभीर चोट उनके दिमाग पर लगी. वह कोमा जैसी स्थिति में चले गए.

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डॉक्टरों ने कह दिया था- ठीक होना मुश्किल है
डॉक्टरों ने झाओ की पत्नी सोंग मेई से कहा कि उनके पति के ठीक होने की संभावना बहुत कम है. यहां तक कि उनका जिंदा बच जाना भी किसी चमत्कार से कम नहीं था. इसके बाद 45 साल की सोंग मेई ने आर्ट टीचर की अपनी नौकरी छोड़ दी और पति की पूरे समय देखभाल करने लगीं.

डॉक्टरों की सलाह से शुरू हुई अनोखी थेरेपी
डॉक्टरों ने सोंग को सलाह दी कि वह झाओ के नर्वस सिस्टम को सक्रिय रखने के लिए नियमित रूप से उनके हाथों और पैरों की मालिश करती रहें. सोंग हर दिन पति की उंगलियों और पैर की अंगुलियों की मालिश करती थीं. एक दिन उन्होंने अचानक उनके पैर की एक उंगली पर हल्के से दांत काट दिया. तभी उन्हें झाओ के शरीर में हल्की प्रतिक्रिया महसूस हुई.

उन्हें लगा कि शायद यह तरीका असर कर रहा है. इसके बाद उन्होंने समय-समय पर पैर की उंगलियों को हल्के से काटकर नर्व्स को उत्तेजित करना जारी रखा. सोंग का मानना है कि पति की रिकवरी में इस तरीके ने भी अहम भूमिका निभाई.

रोज बातें करतीं, गाने सुनातीं
सिर्फ यही नहीं, सोंग रोज अपने पति से बातें करती थीं, उन्हें गाने सुनाती थीं, ताकि उनका दिमाग सक्रिय बना रहे. पति की देखभाल के लिए वह कई साल तक रोज चार घंटे से भी कम सोईं। आर्थिक तंगी भी आई, क्योंकि उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी.

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इसी दौरान जिस बच्चे की जान झाओ ने बचाई थी, उसके पिता लगातार परिवार के संपर्क में रहे. उन्होंने लोगों से मदद जुटाकर करीब 45 हजार युआन (करीब 6 हजार यूरो) इकट्ठा किए, जिससे झाओ के इलाज और घर का खर्च चल सका.

कई साल बाद खुलीं आंखें
साल 2024 में झाओ ने पहली बार अपनी आंखें खोलीं. उस समय वह न बोल सकते थे और न ही शरीर हिला सकते थे, लेकिन उनके शरीर की प्रतिक्रियाएं पहले से बेहतर होने लगी थीं.

धीरे-धीरे उनकी हालत में और सुधार हुआ. अब वह पत्नी की बातें समझ लेते हैं और इशारों से जवाब भी देते हैं. दूसरों की मदद से कुछ देर के लिए खड़े भी हो सकते हैं.

पहली बार लिखा पत्नी का नाम
हाल ही में झाओ ने पहली बार पेंसिल पकड़ने में सफलता हासिल की. वह अब एक-दो शब्द लिखने लगे हैं. सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी सोंग मेई का नाम लिखा.

फिर बोले- 'सोंग मेई, आई लव यू'
पिछले महीने झाओ की जिंदगी का सबसे भावुक पल आया. अस्पताल के बिस्तर पर लेटे-लेटे उन्होंने अपनी पत्नी की तरफ देखा और धीमी आवाज में कहा- सोंग मेई... आई लव यू.

सोंग मेई ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा - लोग कहते हैं कि आगे का रास्ता बहुत कठिन है, लेकिन पति-पत्नी का रिश्ता ही मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देने के लिए होता है. मुझे नहीं पता सबसे अच्छा इलाज क्या है, लेकिन मैं इतने लंबे सफर में भी उनका साथ नहीं छोड़ूंगी.

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यह कहानी सिर्फ एक मरीज के ठीक होने की नहीं, बल्कि उम्मीद, धैर्य और अटूट प्रेम की भी है. कभी-कभी दवाइयों के साथ इंसान का हौसला और अपनों का साथ भी चमत्कार कर दिखाता है.

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