इतनी फीस में तो खरीद लेंगे कार! अमेरिका के प्री-स्कूल का खर्च जानकर रह जाएंगे हैरान

अमेरिका के एक प्राइवेट प्री-स्कूल की फीस सोशल मीडिया पर चर्चा में है. रिपोर्ट के मुताबिक, यहां सप्ताह में दो दिन पढ़ने वाले बच्चे की सालाना फीस करीब 4 लाख रुपये और पांच दिन के प्रोग्राम की फीस करीब 9 लाख रुपये तक है.

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सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बाद भारत और अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था और फीस को लेकर चर्चा शुरू हो गई.  (Photo: ITG) सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बाद भारत और अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था और फीस को लेकर चर्चा शुरू हो गई. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:41 AM IST

भारत में जब छोटे बच्चों के प्ले स्कूल या प्री-स्कूल की फीस की बात होती है, तो कई माता-पिता को खर्च ज्यादा लग सकता है. लेकिन अमेरिका में कुछ प्राइवेट प्री-स्कूल की फीस सुनकर शायद आपको भी एक बार यकीन न हो. एक वायरल वीडियो में अमेरिका के एक प्री-स्कूल की फीस करीब 9 लाख रुपये सालाना बताई गई है. हैरानी की बात यह है कि यह फीस भारत में मिलने वाली एक नई कॉम्पैक्ट एसयूवी के प्राइस  के आसपास है. यह मामला अमेरिका के कनेक्टिकट का है, जहां भारतीय कंटेंट क्रिएटर सोनल चौधरी अपनी दो साल की बेटी के लिए प्री-स्कूल देखने पहुंची थीं. उन्होंने वहां स्कूल की सुविधाओं, पढ़ाने के तरीके और बच्चों को मिलने वाली पर्सनल केयर के बारे में जानकारी ली.

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दो दिन की क्लास के लिए करीब 4 लाख रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्राइवेट प्री-स्कूल में अगर बच्चा सप्ताह में सिर्फ दो दिन जाता है, तो साल भर की फीस करीब 4 लाख रुपये बैठती है. वहीं, अगर बच्चा सप्ताह में पूरे पांच दिन स्कूल जाता है, तो सालाना फीस करीब 9 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. यानी पांच दिन के कार्यक्रम की फीस भारत में एक नई मारुति ब्रेजा की कीमत के आसपास बताई गई. यह प्रोग्राम सितंबर से जून के आखिर तक चलता है. बच्चों की क्लास सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक होती है. यानी बच्चों को पूरे दिन स्कूल में नहीं रहना पड़ता, बल्कि कुछ घंटों के शुरुआती शिक्षा कार्यक्रम में हिस्सा लेना होता है. 

सिर्फ 8 बच्चों पर दो टीचर
इस प्री-स्कूल की सबसे खास बातों में से एक यहां का टीचर-टू-चाइल्ड रेश्यो है. स्कूल की ओर से बताया गया कि सिर्फ आठ बच्चों के एक ग्रुप के लिए दो टीचर मौजूद रहते हैं. इसका मतलब है कि हर बच्चे पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है. छोटे बच्चों के लिए यह काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस उम्र में सिर्फ किताबों से पढ़ाई नहीं होती. उन्हें खेल, बातचीत और अलग-अलग एक्टिविटी के जरिए सीखने का मौका दिया जाता है. 

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बच्चों को क्या-क्या सिखाया जाता है?
वीडियो में स्कूल के स्टाफ ने बताया कि बच्चों के लिए अलग-अलग तरह की एक्टिविटी कराई जाती हैं. इनमें सिंगिंग, योग, क्रिएटिव प्ले और शुरुआती लर्निंग एक्टिविटीज शामिल हैं. यानी यहां बच्चों को केवल अक्षर और नंबर सिखाने पर जोर नहीं है. उनकी क्रिएटिविटी, शारीरिक गतिविधि और दूसरे बच्चों के साथ घुलने-मिलने जैसी चीजों पर भी ध्यान दिया जाता है. छोटे बच्चों के लिए बनाए गए ऐसे कार्यक्रमों में सीखने का तरीका सामान्य स्कूलों से काफी अलग हो सकता है.

फिर इतनी ज्यादा फीस क्यों?
सोनल ने भी शुरुआत में फीस को काफी ज्यादा बताया, लेकिन स्कूल की सुविधाओं और बच्चों को मिलने वाली पर्सनल केयर के बारे में जानने के बाद उन्हें यह खर्च कुछ हद तक समझ में आने लगा. छोटा क्लास साइज, ज्यादा टीचर और बच्चों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी इस फीस की बड़ी वजहों में शामिल हैं. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह प्राइवेट प्री-स्कूल है. अमेरिका में सार्वजनिक शिक्षा आम तौर पर किंडरगार्टन से शुरू होती है और उसके बाद पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था होती है. इसलिए प्री-स्कूल का खर्च कई अमेरिकी परिवारों के लिए शुरुआती शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा निजी खर्च बन सकता है.  

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सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बाद भारत और अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था और फीस को लेकर चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोगों को इतनी फीस हैरान करने वाली लगी, जबकि कुछ ने छोटे क्लास साइज और बच्चों को मिलने वाले व्यक्तिगत ध्यान को इसकी वजह माना. करीब 9 लाख रुपये की यह फीस हर अमेरिकी प्री-स्कूल की फीस नहीं है, बल्कि वीडियो में दिखाए गए इस खास प्राइवेट प्री-स्कूल के कार्यक्रम की फीस है.

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