शादी का नाम आते ही अक्सर लोगों के मन में सजावट, महंगी गाड़ियां, दूल्हे की बारात, वीडियो शूट और शानदार दावत की तस्वीर उभरने लगती है. कई परिवार शादी को यादगार बनाने के लिए अपनी हैसियत से ज्यादा पैसे खर्च कर देते हैं. लेकिन चीन के एक कपल ने शादी में दिखावे से दूर रहने का ऐसा तरीका अपनाया कि अब सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा हो रही है. इस जोड़े ने शादी की कई पारंपरिक रस्मों और महंगे इंतजामों को छोड़ दिया. इसके बजाय उन्होंने अपना पैसा अच्छे खाने और मेहमानों को नकद उपहार देने पर खर्च किया.
शादी में नहीं किया फिजूलखर्ची का दिखावा
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के झेजियांग प्रांत में रहने वाले इस कपल ने अपनी शादी को सादगी से मनाने का फैसला किया. दुल्हन का सरनेम झू है और वह निंगबो शहर की रहने वाली हैं. वहीं, दूल्हे का सरनेम वांग है और वह ताइझोउ से हैं. दोनों की उम्र 30 साल के आसपास बताई गई है. इस कपल ने सितंबर में अपने-अपने होमटाउन में शादी का कार्यक्रम रखा. लेकिन उनकी शादी का तरीका आम शादियों से काफी अलग था. उन्होंने उन इंतजामों पर पैसा खर्च करने से परहेज किया, जिन्हें कई जगह शादी का जरूरी हिस्सा माना जाता है.
कपल ने अपनाया अनोखा फॉर्मूला
इस जोड़े की शादी को 'फोर नोज' यानी 'चार नहीं' वाली शादी कहा जा रहा है. इसके तहत उन्होंने चार चीजों को शादी का हिस्सा नहीं बनाया. पहला, दुल्हन को उसके घर से लेने के लिए कोई खास आयोजन नहीं किया गया. दूसरा, दूल्हे के साथ लग्जरी गाड़ियों का काफिला नहीं निकाला गया. तीसरा, शादी की दावत में कार्यक्रम चलाने के लिए अलग से होस्ट या एंकर नहीं बुलाया गया. चौथा, शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए वीडियोग्राफर भी नहीं रखा गया.
आमतौर पर इन इंतजामों को शादी की शान से जोड़कर देखा जाता है. कई परिवार इन पर अच्छी-खासी रकम खर्च करते हैं. लेकिन इस कपल ने इन चीजों को जरूरी नहीं समझा. उन्होंने शादी को भव्य बनाने के बजाय उन चीजों पर ध्यान दिया, जिनसे परिवार और मेहमानों को सीधे खुशी मिल सके.
शादी में खाने पर खर्च किए 70 हजार युआन
इस कपल ने दिखावे पर पैसे खर्च करने के बजाय मेहमानों के खाने को खास बनाने का फैसला किया. रिपोर्ट के मुताबिक, दुल्हन के होमटाउन निंगबो में आयोजित दावत के लिए 45 टेबल लगाई गई थीं. इस दावत पर करीब 70 हजार चीनी युआन यानी लगभग 11 हजार अमेरिकी डॉलर खर्च किए गए. यह रकम भारतीय रुपये में करीब 9 से 10 लाख रुपये के आसपास बैठती है. शादी में महंगे सी फूड और दूसरे शानदार पकवान परोसे गए. यानी कपल ने शादी के इंतजामों में कटौती जरूर की, लेकिन मेहमानों के खाने की क्वालिटी से समझौता नहीं किया.
मेहमानों को गिफ्ट में दिए नकद पैसे
इस शादी की एक और खास बात मेहमानों को दिए गए उपहार थे. चीन में शादी के मौके पर मेहमानों को सिगरेट देने की परंपरा है. लेकिन इस कपल ने इस परंपरा से अलग रास्ता चुना. उन्होंने मेहमानों को सिगरेट देने के बजाय लाल लिफाफों में नकद पैसे दिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, मेहमानों को 200 से 300 चीनी युआन तक दिए गए. इस तरह कपल ने शादी में आने वाले लोगों के स्वागत और उनकी खुशी पर खास ध्यान दिया. उनके लिए शादी सिर्फ रस्में निभाने या शानदार आयोजन दिखाने का मौका नहीं थी, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का जरिया भी थी.
आखिर क्यों किया ऐसा फैसला?
दुल्हन झू ने बताया कि वह और उनके पति दोनों शांत स्वभाव के हैं. उन्हें बहुत ज्यादा शोर-शराबा और भीड़भाड़ पसंद नहीं है. उन्होंने पहले कई बड़ी शादियां देखी थीं, जहां दूल्हा-दुल्हन से लेकर उनके माता-पिता और मेहमानों तक को काफी थकान होती थी. इसी अनुभव के बाद उन्होंने अपनी शादी को आसान रखने का फैसला किया. वे नहीं चाहते थे कि शादी की तैयारियों के चक्कर में उनके माता-पिता को जरूरत से ज्यादा परेशानी हो. दुल्हन का मानना था कि अगर शादी का आयोजन करते-करते माता-पिता की तबीयत बिगड़ जाए, तो ऐसे दिखावे का कोई मतलब नहीं रह जाता.
शुरुआत में उनके माता-पिता इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में वे भी मान गए. कपल ने शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई. दुल्हन का कहना था कि शादी के बाद आखिर कितने लोग उस वीडियो को बार-बार देखते हैं? हालांकि, उन्होंने शादी की तस्वीरों को अहमियत दी. कपल अपनी पसंद की जगह पर तस्वीरें खिंचवाने के लिए चीन के युन्नान प्रांत में स्थित यूलोंग स्नो माउंटेन भी गया. यानी उन्होंने उन चीजों पर खर्च किया, जो उनके लिए सच में मायने रखती थीं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया पर होने लगी. कई लोगों ने कपल के फैसले की तारीफ की. उनका मानना था कि शादी का मतलब सिर्फ दिखावा करना नहीं है. अगर कम रस्मों और कम भागदौड़ के साथ भी परिवार और मेहमान खुश रह सकते हैं, तो ऐसा करने में कोई बुराई नहीं है. हालांकि, कुछ लोगों को यह तरीका पसंद नहीं आया. उनका मानना था कि शादी जिंदगी का एक खास मौका है और इसमें पारंपरिक रस्मों का अपना महत्व होता है. ऐसे में बहुत सारी रस्में छोड़ देने से बाद में अफसोस भी हो सकता है.
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