आजकल अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी के लिए लोग एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में चले जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी घर में काम करने वाली नैनी या बच्चों की देखभाल करने वाली आया को ज्यादा पैसे देकर दूसरे घर में काम करने के लिए बुलाने पर भी विवाद हो सकता है? बेंगलुरु की एक हाउसिंग सोसाइटी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है. दरअसल, बेंगलुरु के एक शख्स ने अपनी सोसाइटी के वॉट्सअप ग्रुप की बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. इस बातचीत में लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या किसी दूसरे घर में काम करने वाली नैनी को ज्यादा सैलरी का लालच देकर अपने यहां काम पर रखना सही है? इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है.
20 हजार रुपये की सैलरी का दिया ऑफर
यह मामला तब शुरू हुआ, जब सोसाइटी के एक व्यक्ति ने वॉट्सऐप ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर की. उसने कहा कि कुछ लोग दूसरे घरों में काम करने वाली नैनी को ज्यादा सैलरी देने का लालच देकर अपने यहां काम पर बुला रहे हैं. उसने बताया कि एक परिवार ने सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक काम करने के लिए एक नैनी को 20 हजार रुपये महीने देने का ऑफर दिया है. इस पर उसने सवाल उठाया कि जब कोई नैनी पहले से किसी घर में काम कर रही है, तो दूसरे लोगों को उसे अपने यहां काम पर बुलाने की कोशिश क्यों करनी चाहिए?
उसका कहना था कि नैनी और परिवार के बीच सिर्फ पैसों का रिश्ता नहीं होता. खासकर छोटे बच्चों की देखभाल के मामले में परिवार और नैनी के बीच भरोसा बन जाता है. बच्चे भी धीरे-धीरे उसके साथ घुल-मिल जाते हैं. ऐसे में अगर कोई दूसरा परिवार ज्यादा पैसे देकर नैनी को अपने यहां काम पर रख लेता है, तो पहले परिवार के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. उन्हें फिर से किसी नए व्यक्ति को ढूंढना होगा और बच्चों को भी उसके साथ घुलने-मिलने में समय लगेगा.
सोसाइटी के दूसरे लोगों को भी दी गई सलाह
वॉट्सअप ग्रुप में इस मुद्दे पर एक और मैसेज किया गया. इसमें बताया गया कि ज्यादा पैसे दिखाकर दूसरी नैनी को अपने यहां काम पर बुलाने की कोशिश की जा रही है. मैसेज में यह भी कहा गया कि घरेलू काम करने वाले लोगों को नौकरी पर रखने के लिए कई वेबसाइट और दूसरे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं. इसलिए किसी दूसरे परिवार के यहां पहले से काम कर रही नैनी को बुलाने के बजाय वहां से नई नैनी तलाशनी चाहिए.
सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाया सवाल
इस बातचीत का स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने सोसायटी के निवासी की बात से असहमति जताई. उनका कहना था कि अगर किसी नैनी को दूसरी जगह ज्यादा सैलरी मिल रही है, तो उसे वहां काम करने का पूरा अधिकार है. एक यूजर ने सवाल उठाया कि जब किसी कंपनी में काम करने वाला कर्मचारी 10 फीसदी ज्यादा सैलरी मिलने पर अपनी नौकरी बदल सकता है या खराब बॉस को छोड़ सकता है, तो घरेलू काम करने वाली महिला ऐसा क्यों नहीं कर सकती?
एक दूसरे यूजर ने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी घर में काम करना यह नहीं बताता कि उसे हमेशा वहीं काम करना चाहिए. अगर कोई परिवार बेहतर सैलरी और सुविधाएं दे रहा है, तो नैनी को अपनी पसंद से वहां जाने की आजादी होनी चाहिए. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर परिवार अपनी नैनी को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें उसकी सैलरी बढ़ानी चाहिए और उसके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए.
नैनी की नौकरी को लेकर क्यों छिड़ी बहस?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल घरेलू काम करने वाले लोगों की पसंद और उनके अधिकारों का है. एक तरफ परिवार चाहते हैं कि उनके घर में काम करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक उनके साथ रहे, ताकि बच्चों की देखभाल और घर के दूसरे कामों में परेशानी न हो. वहीं दूसरी तरफ घरेलू काम करने वाले लोगों को भी बेहतर सैलरी और काम की अच्छी परिस्थितियां चुनने का अधिकार है. सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति पहले से एक घर में काम कर रहा है, उसे बेहतर नौकरी का मौका छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
फिलहाल, बेंगलुरु की इस सोसाइटी के वॉट्सअप ग्रुप की बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स पर शेयर की गई इस पोस्ट को 44.5 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके थे. इस मामले ने एक दिलचस्प सवाल खड़ा कर दिया है- अगर ज्यादा सैलरी मिलने पर बड़े-बड़े अधिकारी नौकरी बदल सकते हैं, तो घरों में काम करने वाली महिलाओं को यह अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए?
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