जिसे समझती थीं बचपन की दोस्त, निकली सगी बहन! ऐसे खुला राज

भारत से अलग-अलग परिवारों ने गोद ली गई दो लड़कियां नीदरलैंड्स में बचपन में दोस्त बनीं. दोनों को सालों तक पता ही नहीं था कि उनके बीच दोस्ती से कहीं ज्यादा गहरा रिश्ता है. करीब 15 साल तक संपर्क टूटने के बाद डीएनए टेस्ट से पता चला कि दोनों असल में सगी बहनें हैं. यह सच सामने आने के बाद दोनों की मुलाकात बेहद भावुक रही.

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मीना की उम्र 43 साल और मिनल की उम्र 44 साल है. ( Photo: ITG) मीना की उम्र 43 साल और मिनल की उम्र 44 साल है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

कभी-कभी जिंदगी में ऐसे संयोग सामने आते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है. नीदरलैंड्स में रहने वाली दो महिलाओं के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. दोनों बचपन में भारत से अलग-अलग परिवारों ने गोद लिया था. वे एक-दूसरे से पहली बार किशोरावस्था में मिलीं और जल्द ही अच्छी दोस्त बन गईं. उस समय दोनों को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की को वे अपनी दोस्त समझ रही हैं, वह असल में उनकी सगी बहन है.

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इन दोनों महिलाओं के नाम मीना गेल्टिंक और मिनल तिजसेन हैं. मीना की उम्र 43 साल और मिनल की उम्र 44 साल है. दोनों को बचपन में भारत से गोद लेकर नीदरलैंड्स में अलग-अलग परिवारों ने पाला. दोनों एक-दूसरे से करीब 130 किलोमीटर की दूरी पर रहती थीं. साल 1996 में दोनों की मुलाकात गोद लिए गए बच्चों से जुड़े एक कार्यक्रम में हुई थी. पहली मुलाकात के बाद ही दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई. दोनों को एक-दूसरे के साथ काफी अपनापन महसूस होता था, लेकिन उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि इस दोस्ती के पीछे खून का रिश्ता भी छिपा हुआ है.

दोस्ती में दिखती थीं कई समानताएं
दोनों महिलाओं के बीच कई चीजें एक जैसी थीं. उनके दोस्तों को भी दोनों में समानताएं नजर आती थीं. हालांकि, इन समानताओं को उन्होंने कभी इस नजरिए से नहीं देखा कि वे आपस में बहनें हो सकती हैं. दोनों ने एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखा और अपनी जिंदगी के बारे में बातें भी करती रहीं. लेकिन समय के साथ दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गईं. इसके बाद करीब 15 साल तक उनका संपर्क टूट गया.

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डीएनए टेस्ट ने खोल दिया बड़ा राज
कई साल बाद मीना ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया. उन्होंने माय हैरिटेड के जरिए अपना डीएनए टेस्ट कराया. जब टेस्ट के नतीजे सामने आए तो उनके सामने ऐसी सच्चाई आई, जिसने उन्हें हैरान कर दिया. जांच में मीना और मिनल के बीच 100 प्रतिशत मैच पाया गया. इसके बाद साफ हो गया कि दोनों सिर्फ बचपन की दोस्त नहीं, बल्कि सगी बहनें हैं. सालों से जिस रिश्ते से दोनों अनजान थीं, उसका सच एक डीएनए टेस्ट ने सामने ला दिया.

दोस्त से बहन बनने का रिश्ता हुआ और भी खास
सच्चाई सामने आने के बाद दोनों ने दोबारा मुलाकात की. यह पल दोनों के लिए बेहद भावुक था. इतने सालों तक एक-दूसरे को दोस्त मानने वाली दोनों महिलाओं को अब पता चल चुका था कि उनके बीच इससे भी गहरा रिश्ता है. मीना ने बताया कि जब वह अपनी बहन को देखती हैं तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह घर वापस आ गई हों. उनके लिए यह सिर्फ डीएनए रिपोर्ट का रिजल्ट नहीं था, बल्कि अपनी जिंदगी के एक खोए हुए हिस्से को दोबारा पाने जैसा था. मिनल ने भी इस रिश्ते को बेहद खास बताया. दोनों पहले दोस्त बनीं और बाद में उन्हें पता चला कि वे बहनें हैं. यानी जिस रिश्ते की शुरुआत दोस्ती से हुई थी, उसकी असली पहचान बहनों के रूप में सामने आई.

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