Sam Altman Viral Video: करीब 20 साल पुराना एक वीडियो फिर चर्चा में है, जिसमें OpenAI के CEO Sam Altman बेहद कम उम्र में अपनी पहली कंपनी Loopt का आइडिया पेश करते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि जिस काम को आज Snapchat और Instagram जैसे ऐप्स का नॉर्मल फीचर माना जाता है, ऑल्टमैन उसे 2005 में ही लोगों को समझा रहे थे.
आज जब भी AI की बात होती है, सैम ऑल्टमैन का नाम सबसे पहले आने वाले नामों में होता है. क्योंकि जेनेरेटिव AI को ChatGPT के जरिए मेनस्ट्रीम बनाया औऱ ऐप लॉन्च किया. इसके बाद से ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. कम समय में ही सैम ऑल्टमैन और ओपन एआई के दूसरे को फाउंडर ग्रेग ब्रॉकमैन दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.
सोशल मीडिया पर सामने आया उनका एक पुराना वीडियो दिखाता है कि करीब दो दशक पहले वह आखिर क्या बना रहे थे और उस समय उनकी सोच कितनी अलग थी. वीडियो में ऑल्टमैन काफी कम उम्र के नजर आते हैं. उन्होंने चमकीले रंग की पोलो टी-शर्ट पहन रखी है और एक स्टेज पर अपनी कंपनी का आइडिया समझा रहे हैं.
यह वीडियो अब फिर से सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इसी पुराने वीडियो की वजह से लोगों को ऑल्टमैन के उस दौर की झलक मिल रही है, जब ChatGPT तो दूर, आज वाला स्मार्टफोन ऐप इकोसिस्टम भी मौजूद नहीं था.
19 साल की उम्र में स्टैनफोर्ड छोड़ दिया था
यह कहानी 2005 की है. उस समय सैम ऑल्टमैन सिर्फ 19 साल के थे और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे. उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़कर अपनी कंपनी Loopt पर पूरा ध्यान देने का फैसला किया. उनके साथ निक सीवो भी इस कंपनी को बनाने में शामिल थे.
Loopt का आइडिया आज सुनने में बहुत नॉर्मल लग सकता है. यह एक ऐसा मोबाइल ऐप था जो लोगों को अपने दोस्तों की लोकेशन देखने, आसपास क्या हो रहा है यह जानने और लोगों से जुड़ने की सर्विस देना चाहता था. लेकिन उस समय यह बिल्कुल नॉर्मल बात नहीं थी.
ऐपल के WWDC 2008 इवेंट में सैम ऑल्टमैन अपना स्टार्टअप Loopt पिच करते हुए नजर आ रहे हैं. 2008 में ऐप काफी चर्चा में था, क्योंकि उस वक्त नेविगेशन और लोकेशन बेस्ड ऐप्स कम थे और क्रेज भी नहीं था. लोकेशन बेस्ड ऐप्स तब ज्यादा नहीं थे.
आज WhatsApp, Snapchat, Instagram और Google Maps जैसे ऐप्स में लोकेशन शेयर करना कुछ टैप का काम है. 2005 में ऐसा नहीं था. उस समय iPhone भी बाजार में नहीं आया था. स्मार्टफोन आज की तरह आम नहीं थे और मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल भी काफी लिमिटेड था. Loopt दरअसल Y Combinator के Summer 2005 बैच का हिस्सा था और कंपनी का मकसद मोबाइल फोन के जरिए लोगों को उनकी लोकेशन के आधार पर दोस्तों, जगहों और आसपास होने वाली चीजों से जोड़ना था.
वीडियो में ऑल्टमैन जो बता रहे थे, आज वही रोजमर्रा की चीज है, पुराने वीडियो में युवा ऑल्टमैन Loopt का डेमो देते हुए बताते हैं कि ऐप से पता चल सकता है कि आपके दोस्त कहां हैं, वे क्या कर रहे हैं और आसपास कौन सी दिलचस्प जगहें हैं. वह लोगों को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि अगर कोई दोस्त आपके पास किसी रेस्टोरेंट में है, तो आपको उसके बारे में पता चल सकता है. आप वहीं से उससे मिलने या साथ में कुछ करने का फैसला कर सकते हैं.
आज यह सुनकर शायद कोई खास हैरानी न हो. लेकिन 2005 में यह सोच काफी आगे की थी. दिलचस्प बात यह है कि ऑल्टमैन खुद बाद में मान चुके हैं कि Loopt जिस तरह की दुनिया की कल्पना कर रहा था, वह पूरी तरह उस तरह नहीं बनी. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कंपनी का आइडिया था कि मोबाइल फोन पर लोग अपने आसपास की दुनिया और अपने दोस्तों को ज्यादा आसानी से खोज पाएंगे.
यानी जिस युवा ऑल्टमैन को उस समय लगा था कि लोग हर समय अपनी लोकेशन और आसपास की दुनिया के साथ जुड़े रहेंगे, उसकी पूरी भविष्यवाणी सही नहीं निकली. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.
Loopt सुपरहिट नहीं हुआ, फिर भी करोड़ों डॉलर में बिका
Loopt कोई Facebook या Instagram जैसा बड़ा सोशल नेटवर्क नहीं बन पाया. कंपनी को यूजर्स मिले, बड़े मोबाइल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी हुई और इसमें करोड़ों डॉलर का निवेश हुआ, लेकिन लंबे समय तक इसे बड़े पैमाने पर कमाई करने में मुश्किल हुई.फिर 2012 में Loopt को Green Dot Corporation ने करीब 43.4 मिलियन डॉलर में खरीद लिया.
Green Dot ने उस समय साफ कहा था कि उसे Loopt की मोबाइल टेक्नोलॉजी, लोकेशन टेक्नोलॉजी और उससे जुड़े पेटेंट में खास दिलचस्पी थी. यानी कंपनी सिर्फ Loopt के यूजर्स खरीदने के लिए पैसे नहीं दे रही थी. जिस ऐप को आम लोगों के बीच वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी, उसी कंपनी से ऑल्टमैन को करोड़ों डॉलर का एग्जिट मिला.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क