भारतीय वर्कर्स बना रहे हैं ह्यूमनॉइड रोबोट, भविष्य में यही रोबोट छीन सकते है उनकी नौकरी

भारतीय वर्कर्स ह्यूमनॉइड रोबोट को ट्रेन कर रहे हैं. लेकिन AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से डर है कि आने वाले समय में यही रोबोट उनकी नौकरियों की जगह ले सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.

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ह्यूमनॉयड रोबोट्स को ट्रेन कर रहे भारतीय वर्कर्स ह्यूमनॉयड रोबोट्स को ट्रेन कर रहे भारतीय वर्कर्स

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:45 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ चैटबॉट और फोटो बनाने तक सीमित नहीं है. अब AI को ऐसे रोबोट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो इंसानों की तरह घर के काम भी कर सकें. खास बात ये है कि इन रोबोट्स को इंसानों की तरह काम सिखाने का काम, भारत में कई लोग कर रहे हैं.

दिलचस्प बात ये है कि जिन लोगों की मदद से ये रोबोट तैयार हो रहे हैं, आने वाले समय में इन्हीं रोबोट्स की वजह से कुछ इंसानी काम खत्म हो सकते हैं.

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सिर पर फोन लगाकर रिकॉर्ड करते है काम को 

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुछ लोग अपने सिर पर स्मार्टफोन या कैमरा लगाकर रोजमर्रा के काम रिकॉर्ड कर रहे हैं. इसमें घर के नॉर्मल काम भी शामिल हैं, जैसे आम काटना, कपड़े मोड़ना, खाना बनाना और दूसरी छोटी-छोटी एक्टिविटी.

इन वीडियो का इस्तेमाल AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए किया जाता है. मकसद ये है कि रोबोट इंसानों के हाथ और शरीर की मूवमेंट को समझ सके और बाद में उसी तरह काम कर पाए.

तमिलनाडु की एक महिला को घर का काम रिकॉर्ड करने के लिए करीब 250 रुपये प्रति घंटे मिलते हैं. वह अपने सिर पर फोन लगाकर काम करती हैं और रिकॉर्डिंग एक खास ऐप के जरिए AI डेटा कंपनी तक भेजती हैं.

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एक दिन में 90 वीडियो तक रिकॉर्ड

भारत में AI ट्रेनिंग का ये काम अब बड़े लेवल पर किया जा रहा है. कुछ लोग घर से काम करते हैं, जबकि कुछ स्टूडियो और फैक्ट्री में जाकर कैमरा और सेंसर पहनकर अलग-अलग काम करते हैं.

एक AI ट्रेनर ने बताया कि वह करीब चार मिनट का एक वीडियो रिकॉर्ड करती हैं और एक दिन में लगभग 90 वीडियो तक बना लेती हैं. इन वीडियो में वह अलग-अलग जगहों पर बेड पर तौलिया मोड़ने जैसे काम करती हैं.

कुछ जगहों पर लोगों को स्मार्ट ग्लास, मोशन सेंसर और डेप्थ कैमरा भी दिए जाते हैं, जिससे AI को इंसानी मूवमेंट का ज्यादा डेटा मिल सके.

AI रोबोट आखिर क्या-क्या करेंगे?

कंपनियां ऐसे रोबोट तैयार करना चाहती हैं जो सिर्फ फैक्ट्री में सामान उठाने का काम न करें, बल्कि घर के छोटे-छोटे काम भी कर सकें.

इसके लिए कपड़े मोड़ना, कॉफी बनाना, खाना बनाना और सैंडविच तैयार करने जैसे कामों की रिकॉर्डिंग की जा रही है. यानी आने वाले समय में रोबोट को सिर्फ इंडस्ट्रियल मशीन के तौर पर नहीं, बल्कि घर में काम करने वाले स्मार्ट असिस्टेंट के तौर पर भी देखा जा रहा है.

भारत के लिए मौका भी और खतरा भी

AI की इस पूरी रेस में भारत एक बड़े डेटा सेंटर की तरह काम कर रहा है. यहां लोग AI मॉडल के लिए डेटा कलेक्ट, प्रोसेस और लेबल कर रहे हैं. इससे अभी हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है.

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लेकिन सवाल ये है कि जब यही डेटा इस्तेमाल करके ऐसे रोबोट तैयार हो जाएंगे जो इंसानों की जगह काम कर सकेंगे, तब इन नौकरियों का क्या होगा?

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑटोमेशन से नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता भी बढ़ रही है. NITI Aayog ने भी AI और रोजगार से जुड़े जोखिमों पर ध्यान देने की जरूरत बताई है.

हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में इंसान और रोबोट एक साथ काम करेंगे. यानी जरूरी नहीं कि हर रोबोट इंसान की नौकरी खत्म करे, हो सकता है इंसान रोबोट को कंट्रोल करने और उससे काम करवाने वाली भूमिका में आ जाए.

यानी जिस AI रोबोट को आज भारतीय अपने हाथों से काम करना सिखा रहे हैं, वही टेक्नोलॉजी आने वाले समय में काम करने का पूरा तरीका बदल सकती है.

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