भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने कोचिंग करियर की नई शुरुआत कर दी है. आईपीएल के नए सीजन के लिए युवराज सिंह को दिल्ली कैपिटल्स का असिस्टेंट और बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है.
इस नियुक्ति के साथ ही फ्रेंचाइजी में सौरव गांगुली के साथ उनकी पुरानी जोड़ी एक बार फिर से मैदान पर साथ नजर आएगी. युवराज सिंह बतौर खिलाड़ी दिल्ली का हिस्सा रह चुके हैं. लेकिन इस बार वह एक नए रोल के साथ टीम से जुड़े हैं.
भारत के लिए 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहे युवराज सिंह इस फ्रेंचाइजी के साथ अपने आईपीएल कोचिंग करियर का आगाज कर रहे हैं. युवराज का दिल्ली फ्रेंचाइजी से पुराना नाता रहा है.
कभी दिल्ली ने युवराज पर खेला था 16 करोड़ का दांव
साल 2015 के दौरान दिल्ली कैपिटल्स तब की दिल्ली डेयरडेविल्स ने युवराज सिंह को रिकॉर्ड 16 करोड़ में खरीदा था. इतनी कीमत में बिकने के बाद युवराज सिंह उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे.
अपनी इस नई भूमिका को लेकर युवराज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने के लिए बेहद उत्साहित हूं. फ्रेंचाइजी के साथ मेरा पुराना जुड़ाव रहा है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूं, जो इसे मेरे लिए एक खास मौका बनाता है. उन्होंने आगे कहा कि मैं दादा (सौरव गांगुली) के साथ इस बार कोच के रूप में जुड़ने को लेकर भी काफी उत्सुक हूं.
युवाओं को तराशने का है शानदार अनुभव
भले ही यह युवराज का किसी फ्रेंचाइजी के साथ पहला कोचिंग हो, लेकिन वह पिछले कुछ समय से अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल जैसे कई युवा और उभरते हुए भारतीय बल्लेबाजों को मेंटॉर करते आ रहे हैं. विशेष रूप से अभिषेक शर्मा के साथ उनका तालमेल काफी चर्चा में रहा है, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टी20 फॉर्मेट में एक अलग पहचान बनाई है.
दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अभी तक एक भी आईपीएल खिताब नहीं जीता है और साल 2020 में उपविजेता रहने के बाद से अब दिल्ली की टीम आने वाले सीजन में ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी. सौरव गांगुली के हेड कोच बनने के बाद युवराज सिंह का कोचिंग स्टाफ से जुड़ना टीम के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क