शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने शांति और संवाद का संदेश दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से बातचीत के जरिए विवाद का हल निकालने की अपील की.
युवराज सिंह ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, 'हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष को शांति के साथ सीखने, सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए. उनका कल्याण ही एक बेहतर भारत की नींव है. आइए हम सब मिलकर ऐसा समाज बनाएं, जहां हर किसी को अवसर और उम्मीद मिले. भारत के भविष्य के लिए बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है.'
सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही CJP के आह्वान पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च के लिए निकले. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए जाएं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने संसद की ओर जाने वाले कई रास्तों को बंद कर दिया और बाहर से आने वाले लोगों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से भी रोका. वहीं पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए गए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार की झड़पों में करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और उनका धरना लगातार जारी है. मंगलवार को कई विपक्षी नेता प्रदर्शन स्थल पहुंचे. इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल रहे. उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी.
इसी बीच CJP ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है. संगठन ने एक सार्वजनिक पत्र जारी करते हुए कहा कि उनका त्याग और संघर्ष देशभर के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बना है.
पत्र में कहा गया, 'हम आपसे आग्रह करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें. आपकी इस लड़ाई ने छात्रों को एकजुट किया है, लेकिन अब आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है.'
संगठन ने यह भी भरोसा दिलाया कि वांगचुक के अनशन खत्म करने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा. शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क