रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy 2026-27) के दौरान टीम इंडिया (Team India) के स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) द्वारा विकेटकीपिंग का अभ्यास करने पर पूर्व क्रिकेटर्स ने हैरानी जताई है.
पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) और एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीम में पहले से ही केएल राहुल (KL Rahul), ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और ईशान किशन (Ishan Kishan) जैसे विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में रातों-रात नया रोल अपनाने की कोई तुक नहीं बनती.
दरअसल, यशस्वी जायसवाल इन दिनों अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के अलावा एक हैरान करने वाले फैसले को लेकर चर्चा में हैं. रणजी ट्रॉफी के दौरान चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले से पहले, मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने खुलासा किया था कि जायसवाल विकेटकीपिंग के गुर सीख रहे हैं. इतना ही नहीं, मैच के दूसरे दिन लंच ब्रेक के दौरान भी उन्हें ग्लव्स पहने अभ्यास करते देखा गया. इस घटना के बाद खेल गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या वह सफेद गेंद के प्रारूप में अपनी जगह पक्की करने के लिए कोई नया दांव चल रहे हैं?
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' से बातचीत में तीखा सवाल उठाया. उन्होंने कहा- मैं आश्वस्त हूं कि यह उनके लिए निराशाजनक होगा, लेकिन सवाल यह नहीं है कि वह विकेटकीपर के रूप में मौके तलाश रहे हैं, बल्कि यह है कि वह ऐसा क्यों सोच रहे हैं? आप अचानक एक सुबह उठकर यह नहीं कह सकते कि मैं भारत के लिए विकेटकीपिंग करना चाहता हूं. यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगता. उन्होंने आगे कहा कि किसी को उनसे बातचीत करके यह समझना चाहिए कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है.
टीम इंडिया के पास पहले से ही सीमित ओवरों के फॉर्मेट में विकेटकीपिंग विकल्पों की भरमार है. टीम में केएल राहुल , ईशान और संजू सैमसन जैसे धाकड़ खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि ऋषभ पंत भी मजबूत दावेदार हैं.
यही वजह है कि पूर्व मुख्य चयनकर्ता और विकेटकीपर एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) ने भी जायसवाल को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें इन सब चक्करों में पड़ने की जरूरत नहीं है. प्रसाद ने स्पष्ट किया- राहुल द्रविड़ या केएल राहुल जैसे खिलाड़ी अंडर-19 स्तर से विकेटकीपर रहे थे, इसलिए उनका वह स्वाभाविक सहजता वाला गुण बना रहा. लेकिन वर्तमान में जिस तरह की कड़ी प्रतिस्पर्धा हर स्लॉट के लिए चल रही है, उसे देखते हुए इस तरह की सोच सही दिशा में नहीं है.
चंडीगढ़ के खिलाफ इस मैच में मुंबई को पारी और 155 रन से बड़ी जीत मिली, लेकिन जायसवाल का बल्ला नहीं चला और वह 13 गेंदों पर शून्य (Duck) पर आउट हो गए.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क