दलीप ट्रॉफी (2026-27) फाइनल में ईस्ट जोन के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और विपक्षी कप्तान तिलक वर्मा के बीच मैदान पर गरमागरमी देखने को मिली. शुरुआत में दोनों के बीच मजाकिया अंदाज में चल रही बातचीत और स्लेजिंग अचानक तीखी हो गई. मामला इतना बढ़ा कि अंपायर को दोनों खिलाड़ियों के बीच आकर स्थिति संभालनी पड़ी.
यह घटना ईस्ट जोन की पहली पारी के 11वें ओवर की है. साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा लगातार वैभव सूर्यवंशी से बातचीत कर रहे थे और उप-कप्तानी को लेकर उन्हें स्लेज भी कर रहे थे. तिलक ने वैभव से कहा, 'क्या यार, ये वाइस-कैप्टन.'
कुछ ही क्षणों बाद ये स्लेजिंग तीखी बहस में तब्दील हो गई. तिलक वर्मा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की ओर बढ़े और हल्का सा शारीरिक इशारा किया, जैसे वह पंच (मुक्का मारने) करने की बात कह रहे हों. वैभव ने भी पीछे हटने के बजाय तुरंत उनका सामना किया. दोनों के बीच बढ़ते तनाव को देखकर अंपायर ने हस्तक्षेप किया और खिलाड़ियों को अलग किया.
वैभव ने दिखाया तूफानी अंदाज
मैदान पर तिलक वर्मा के साथ हुई बहस से पहले वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खूब बोल रहा था. उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर ईस्ट जोन को अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हुई. वैभव ने सिर्फ 37 गेंदों में 44 रनों की तेज पारी खेली. उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल रहा.
हालांकि अर्धशतक से पहले ही तेज गेंदबाज चामा मिलिंद ने उनकी पारी खत्म कर दी. शॉर्ट पिच गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन अतिरिक्त उछाल के कारण गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर मिड-विकेट की ओर चली गई. डीप स्क्वायर लेग से दौड़ते हुए तनय त्यागराजन ने शानदार कैच पकड़ लिया.
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी भले ही 44 रनों पर खत्म हो गई, लेकिन उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की अलग तस्वीर पेश की है. सेमीफाइनल में 92 और 40 रन की पारियों के बाद फाइनल में भी उन्होंने आक्रामक बैटिंग की. अब दलीप ट्रॉफी के बाद वैभव की नजरें भारतीय टीम के साथ अगले असाइनमेंट पर होंगी. वह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में खेलते नजर आएंगे. सीरीज का पहला मुकाबला 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क