मैनचेस्टर में शनिवार (4 जुलाई) को खेले जाने वाले दूसरे टी20 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ था कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका देगा या फिर उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सिर्फ अपनी बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि पढ़ाई को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं. 15 वर्षीय खिलाड़ी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर क्रिकेट जगत दो हिस्सों में बंटा हुआ था. कई पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें जल्द से जल्द टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका देने की वकालत की थी, वहीं साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने इस जल्दबाजी के खिलाफ अपनी राय रखी थी.
कलिनन ने ही हाल में कहा था कि वैभव की प्रतिभा असाधारण है, लेकिन इतनी कम उम्र में उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं होगा. उन्होंने साफ किया था कि उनकी बात आलोचना नहीं, बल्कि एक युवा खिलाड़ी के भविष्य को लेकर चिंता थी.
कलिनन ने हाल में कहा कि उनके हिसाब से वैभव को उस समय घर पर रहकर अपनी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए थी, दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना चाहिए था और जितना संभव हो, सामान्य बचपन जीना चाहिए था. उन्होंने कहा था कि इसका मतलब प्रतिभा को रोकना नहीं है, बल्कि एक खिलाड़ी के साथ-साथ उसके व्यक्तित्व को भी विकसित होने का समय मिलना चाहिए.
IPL के लिए छोड़ी थी 10वीं की बोर्ड परीक्षा
वैसे ध्यान रहे वैभव सूर्यवंशी उस समय 10वीं कक्षा के छात्र थे. उन्होंने IPL 2026 में हिस्सा लेने के लिए अपनी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा नहीं दी थी. सोशल मीडिया पर उनके परीक्षा देने की चर्चाएं जरूर चली थीं, लेकिन बाद में साफ हो गया था कि वह बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे.
17 फरवरी से सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थीं, लेकिन वैभव अपने परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचे थे. 'आजतक' से बातचीत में उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने पुष्टि की थी कि वैभव ने इस साल परीक्षा नहीं दी थी. उन्होंने कहा था कि बेटे का पूरा ध्यान क्रिकेट पर था और वह अगले साल बोर्ड परीक्षा देंगे.
ताजपुर स्थित मॉडेस्टी स्कूल के डायरेक्टर आदर्श कुमार पिंटू ने भी बताया था कि वैभव का परीक्षा फॉर्म भरा गया था और एडमिट कार्ड भी जारी हुआ था. सीबीएसई ने उनका परीक्षा केंद्र शहर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में बनाया था, लेकिन उन्होंने परीक्षा नहीं दी थी.
क्रिकेट को दी थी पहली प्राथमिकता
वैभव ने उस समय पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट को प्राथमिकता दी थी. लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी और उनका पूरा फोकस बड़े स्तर पर खुद को साबित करने पर था. परिवार ने भी साफ किया था कि वह अपनी बोर्ड परीक्षा अगले साल देंगे.
डेब्यू को लेकर बढ़ी थी चर्चा
वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर लगातार बहस चल रही थी. कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना था कि उन्हें ज्यादा इंतजार कराना उनके ऊपर अतिरिक्त दबाव बढ़ा सकता है. ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सभी की नजरें हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क