टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है. श्रीकांत का मानना है कि यह युवा बल्लेबाज आने वाले समय में विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकता है.
कृष्णमाचारी श्रीकांत के मुताबिक, वैभव की सबसे बड़ी खासियत उनका बेखौफ रवैया है. वह सिर्फ सीमित ओवरों में ही नहीं, बल्कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी गेंदबाजों पर उसी आत्मविश्वास के साथ अटैक कर रहे हैं. श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर वैभव को सही तरीके से तैयार किया गया, तो वह विश्व क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकते हैं.
कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बाद वैभव के लिए सबसे जरूरी चीज सही मार्गदर्शन है. श्रीकांत कहते हैं, 'वह शानदार खेल रहा है. उसे प्रोत्साहित करना चाहिए और कभी हतोत्साहित नहीं करना चाहिए. अगर उसे सही तरीके से तैयार किया गया, तो वह सुपरस्टार बनने की राह पर है. वह टेस्ट क्रिकेट को फिर उसके गौरव तक पहुंचाएगा.' श्रीकांत ने यहां तक कहा कि वैभव की वजह से लोग दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट को भी देखने लगे.
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मचाई तबाही
कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा, 'हर कोई उसकी वजह से दलीप ट्रॉफी देख रहा था. यहां तक कि मेरी पत्नी भी उसकी वजह से दलीप ट्रॉफी देख रही थीं. आगे चलकर वह विश्व क्रिकेट के लिए बड़ी संपत्ति साबित होगा.' वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में 81 गेंदों पर 92 रनों की आक्रामक पारी खेली. दूसरी पारी में भी उन्होंने 40 रनों का योगदान दिया और ईस्ट जोन ने चार विकेट से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई. इस मैच के दौरान वैभव ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया. वह दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए.
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कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की बल्लेबाजी के तरीके की खास तौर पर तारीफ की. उनका कहना है कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी जिस तरह यह युवा बल्लेबाज गेंदबाजों पर दबाव बना रहा है, वह उनकी असाधारण क्षमता को दिखाता है. श्रीकांत ने बताया, 'लोग इस बात पर संदेह कैसे कर सकते हैं कि यह लड़का हाई लेवल क्रिकेट खेल सकता है या नहीं? वह हर स्तर का क्रिकेट खेल सकता है और जल्द ही सभी फॉर्मेट में विश्व क्रिकेट पर राज करने वाला है. रेड-बॉल क्रिकेट में भी वह मीडियम पेसरों को सीधे छक्के मार रहा है. वह गेंदबाजों के साथ खिलवाड़ कर रहा है.'
वैभव ने आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए. इसके बाद वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा और देश के सबसे कम उम्र के डेब्यूटेंट बने. इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शुरुआत अपेक्षा के मुताबिक नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने तीन मैचों में 151 रन बनाकर शानदार वापसी की. इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया.
वैभव की तेजी से बढ़ती सफलता के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) भी उनके करियर को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि वैभव पर हर स्तर से करीबी नजर रखी जा रही है. सैकिया के मुताबिक बोर्ड की कोशिश है कि वैभव की शुरुआत सिर्फ एक शानदार सीरीज या एक सीजन तक सीमित ना रहे, बल्कि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकें.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क