अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई खिलाड़ियों को लेकर कोई बड़ा रिस्क नहीं लेना चाहती है. वर्ल्ड कप से पहले भारत के लिए न्यूजीलैंड का दौरे भी बेहद अहम होने वाला है.
लेकिन बीसीसीआई अब खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अलर्ट है. क्रिकेट फैन्स की नजरें भले ही टीम के प्रदर्शन पर हों, लेकिन बोर्ड का पूरा फोकस इस समय खिलाड़ियों की फिटनेस सुधारने पर है. इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम हार्दिक पंड्या का आता है.
हार्दिक पंड्या अपनी फिटनेस हासिल करने के लिए जी-जान लगा रहे हैं. ऐसी खबरें है कि उन्होंने बेंगलुरु में बाकायदा एक घर किराए पर ले लिया है ताकि वो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के करीब रहकर अपनी ट्रेनिंग कर सकें. लेकिन, टीम मैनेजमेंट और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने उनके लिए एक शर्त रख दी है.
हार्दिक के सामने रखी ये शर्त
हार्दिक के लिए शर्त बिल्कुल साफ है. अगर हार्दिक वनडे टीम में वापसी चाहते हैं और वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं तो उन्हें साबित करना होगा कि वो कोटे के पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए 100% फिट हैं. टीम मैनेजमेंट ने तय कर लिया है कि आधी-अधूरी फिटनेस या सिर्फ बल्लेबाजी के दम पर उन्हें 50 ओवर वाले फॉर्मेट में नहीं चुना जाएगा.
गंभीर-अगरकर की अहम मीटिंग
खिलाड़ियों की चोट और उनके रिहैब को लेकर गुरुवार को एक बड़ी रिव्यू मीटिंग होने जा रही है. इस मीटिंग में हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर, BCCI सचिव देवजीत सैकिया और COE के हेड वीवीएस लक्ष्मण शामिल होंगे. इसमें मुख्य तौर पर जसप्रीत बुमराह जैसे अहम खिलाड़ियों की चोटों और अगले साल के वर्ल्ड कप के रोडमैप पर चर्चा होगी.
क्यों टेंशन में है टीम मैनेजमेंट?
दरअसल, कोच गंभीर और अगरकर इस बात से थोड़े परेशान हैं कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से चोटिल खिलाड़ियों की वापसी को लेकर कोई पक्की टाइमलाइन नहीं मिल पाती है. बुमराह की वापसी को लेकर भी काफी कन्फ्यूजन रहा था, जिसका असर टेस्ट मैच में दिखा. इतना ही नहीं हाल ही में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद भी खिलाड़ी ओवरवेट पाए गए.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क