वड़ोदरा में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को हर मोर्चे पर पस्त करते हुए 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की इस सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है.
मैच की असली हीरो युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा रहीं, जिन्होंने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की पूरी बैटिंग लाइन-अप को तहस-नहस कर दिया. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और 39.5 ओवरों में महज 131 रनों पर ही ढेर हो गई.
जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिकीवा ने 37 और कप्तान जोसेफिन निकोमो ने 35 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके. भारत की ओर से बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने तबाही मचाते हुए अपने 10 ओवरों में सिर्फ 39 रन देकर 5 विकेट झटके.
इसके साथ ही 20 साल और 314 दिन की उम्र में वैष्णवी वनडे क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली दूसरी सबसे युवा भारतीय महिला गेंदबाज बन गई हैं. वैष्णवी के अलावा क्रांति गौड़ और सायली सातघरे ने 2-2 विकेट चटकाकर उनका बेहतरीन साथ निभाया.
शेफाली और प्रतिका ने दिखाया दम
जिम्बाब्वे से मिले 132 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने महज 17 ओवरों में 2 विकेट खोकर आसानी से टारगेट हासिल कर लिया. हालांकि पारी की शुरुआत में यास्तिका भाटिया बिना खाता खोले आउट हो गईं, लेकिन इसके बाद शेफाली वर्मा और प्रतीका रावल ने मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश कर दी.
प्रतिका रावल ने सधी हुई पारी खेलते हुए 56 गेंदों पर 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 59 रन बनाए. वहीं शेफाली वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 26 गेंदों पर 6 चौकों और 3 छक्के की बदौलत ताबड़तोड़ 51 रन क कूट डाले. हरलीन देओल ने भी 19 रनों का योगदान दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क