ऑस्ट्रेलियाई टीम को बांग्लादेश के हाथों डार्विन टेस्ट मैच में 9 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. पहली बार कंगारुओं ने अपने घर पर बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच गंवाया, जिसके चलते टीम के खिलाड़ियों पर सवाल उठ रहे हैं. वैसे पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. ऑस्ट्रेलियाई टीम पर अब स्लो ओवर रेट के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है.
अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम को दोषी पाया जाता है तो खिलाड़ियों की मैच फीस कटने के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के अहम पॉइंट्स भी गंवाने पड़ सकते हैं. मामला टेस्ट मैच के तीसरे दिन का है. ऑस्ट्रेलिया ने पूरे दिन में केवल 86 ओवर गेंदबाजी की, जबकि सामान्य परिस्थितियों में एक दिन में 90 ओवर पूरे करने होते हैं. यानी मेजबान टीम निर्धारित संख्या से चार ओवर पीछे रही.
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चौथे दिन मुकाबला चायकाल से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन इससे तीसरे दिन का स्लो ओवर रेट अपने आप नजरअंदाज नहीं हो जाता. मैच रेफरी परिस्थितियों और समय में हुई देरी को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला करेंगे. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज साइमन कैटिच ने मुकाबले के दौरान धीमे ओवर रेट पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने इसे मौजूदा क्रिकेट की गंभीर समस्या बताते हुए कहा था कि जिस रफ्तार से अब ओवर पूरे किए जा रहे हैं, वह हास्यास्पद है.
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ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स की कटौती का है. आईसीसी के नियमों के तहत स्लो ओवर रेट के मामलों में टीम के अंक काटे जा सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया फिलहाल डब्ल्यूटीसी टेबल में 84 अंक और 77.78 के पॉइंट्स प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है. अगर चार पॉइंट्स की कटौती होती है तो उसके अंक घटकर 80 रह सकते हैं. हालांकि संभावित सजा कितनी होगी, इसका फैसला आईसीसी और मैच रेफरी के आकलन के बाद ही होगा. ओवर रेट की सजा ऑस्ट्रेलिया को पहले भी भारी पड़ चुकी है. पिछले डब्ल्यूटीसी साइकल में धीमे ओवर रेट के कारण उसके चार अंक काटे गए थे.
कंगारू खिलाड़ियों पर जुर्माना भी लगेगा?
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. नियमों के तहत निर्धारित ओवर रेट से प्रत्येक ओवर पीछे रहने पर खिलाड़ियों की मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को एक टेस्ट के लिए करीब 20 हजार डॉलर मिलते हैं.
अगर चार ओवर की कमी के आधार पर 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है तो प्रत्येक खिलाड़ी को लगभग 4 हजार डॉलर गंवाने पड़ सकते हैं. पूरी प्लेइंग इलेवन पर यह रकम करीब 44 हजार डॉलर हो सकती है. हालांकि ऑस्ट्रेलिया पर अभी किसी सजा की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. डार्विन की भीषण गर्मी और उमस जैसी परिस्थितियों को मैच रेफरी अपने आकलन में शामिल कर सकते हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क