Q&A: हंतावायरस का खौफ क्यों फैल रहा है, इसके लक्षण क्या हैं, आम फ्लू से कितना ज्यादा खतरनाक है?

हंतावायरस ने क्रूज शिप पर 3 मौतों से खौफ फैला दिया है. चूहों से फैलने वाला वायरस फ्लू जैसे लक्षण देता है. 40% मौत का खतरा होता है. WHO ने लोगों के लिए खतरा कम बताया है पर सतर्कता जरूरी है.

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ये है हंतावायरस का थ्रीडी इमेज. (File Photo: Getty) ये है हंतावायरस का थ्रीडी इमेज. (File Photo: Getty)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST

हंतावायरस एक प्रकार का वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों और उसके जैसे प्राणियों से इंसानों में फैलता है. हाल ही में अर्जेंटीना से केप वर्ड जाने वाले एक क्रूज शिप पर इस वायरस का संक्रमण फैला, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और एक केस की पुष्टि हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि लोगों के लिए खतरा अभी कम है.

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हंतावायरस का खौफ क्यों फैल रहा है?

क्रूज शिप पर 3 मौतों की खबर से दुनियाभर में डर फैल गया है. लोग परेशान हैं कि क्या यह वायरस अब इंसान से इंसान में फैल रहा है. आमतौर पर यह चूहों के मूत्र, लार या मल से फैलता है, लेकिन अगर इंसान से इंसान में फैलने लगा तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है.

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हंतावायरस के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण शुरुआत में साधारण फ्लू जैसे होते हैं - बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, पेट खराब होना और हल्की खांसी. कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते. गंभीर मामलों में यह किडनी को प्रभावित करता है. सांस लेने में तकलीफ होती है. न्यू वर्ल्ड हंतावायरस फेफड़ों में तेजी से फैलता है. सांस की नली बंद कर सकता है.

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आम फ्लू से कितना ज्यादा खतरनाक है हंतावायरस?

यह आम फ्लू से कहीं ज्यादा खतरनाक है. एशिया, यूरोप के हंतावायरस में मौत की दर 14% तक हो सकती है, जबकि अमेरिका के वायरस में मौत की दर 40% से भी ज्यादा हो सकती है. फ्लू में मौत बहुत कम होती है, लेकिन हंतावायरस फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

दुनिया में हंतावायरस कितना आम है?

यह वायरस दुनिया भर में पाया जाता है. चीन, रूस और दक्षिण कोरिया में हर साल हजारों केस आते हैं. अमेरिका, फिनलैंड और फ्रांस में सैकड़ों केस हर साल होते हैं. संक्रमण पूरे साल चलता रहता है.

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यह वायरस कैसे फैलता है?

मुख्य रूप से चूहों के मूत्र, लार, मल या उनके सीधे संपर्क से. यह हवा में उड़ने वाले कणों (एरोसोल) से भी फेफड़ों में जा सकता है. काटने या खरोंच से भी फैल सकता है. ज्यादातर केस जंगल, खेत या पुरानी इमारतों में काम करने वाले लोगों में होते हैं.

क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है?

आमतौर पर नहीं फैलता. सिर्फ एंडीज वायरस नाम का एक स्ट्रेन इंसान से इंसान में फैल सकता है, लेकिन इसके लिए लंबे और करीबी संपर्क की जरूरत होती है. क्रूज शिप वाले मामले में अभी यह साफ नहीं है कि इंसान से इंसान फैला या सभी ने अलग-अलग चूहों से संक्रमण लिया.

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इलाज क्या है?

इसका कोई खास इलाज नहीं है. डॉक्टर लक्षणों का इलाज करते हैं. गंभीर मरीजों को ICU में ऑक्सीजन और सपोर्टिव केयर दिया जाता है. जितनी जल्दी इलाज शुरू हो, उतनी अच्छी रिकवरी होती है.

कौन ज्यादा खतरे में है?

बुजुर्ग लोग, कमजोर इम्यूनिटी वाले, पहले से बीमार लोग और जंगल-खेत में काम करने वाले लोग (जैसे किसान, वनकर्मी) ज्यादा खतरे में हैं.

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भविष्य में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

चूहों वाले इलाकों से दूर रहें. घर और जहाजों को साफ रखें. चूहों के मल-मूत्र वाले क्षेत्रों को साफ करते समय मास्क और दस्ताने पहनें. क्रूज जैसी बंद जगहों पर अगर कोई बीमार हो तो तुरंत अलग करें.

हंतावायरस सामान्य फ्लू जैसा लगता है लेकिन यह बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है. क्रूज शिप वाला मामला इसलिए चिंताजनक है क्योंकि अगर इंसान से इंसान में फैलने की पुष्टि हुई तो स्थिति बदल सकती है. अभी WHO कह रहा है कि आम लोगों के लिए खतरा कम है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.

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