उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा, 8 जिलों में रेड और 13 में ऑरेंज अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी है. बांदा में 227 मिमी और लखनऊ में 136 मिमी बारिश हुई. आठ जिलों में रेड अलर्ट है. बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से और बारिश की आशंका है.

Advertisement
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. (Photo: AFP) उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. (Photo: AFP)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है. लखनऊ समेत राज्य के बड़े हिस्से में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बांदा जिले में 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जबकि लखनऊ में 136 मिलीमीटर पानी गिरा. कई अन्य जिलों में भी 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट और 13 अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें लखनऊ भी शामिल है. 27 सितंबर तक बहुत भारी बारिश, तूफान और तेज हवाओं का अनुमान है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे डिप्रेशन की वजह से यह बारिश हो रही है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: मॉनसून अभी गया नहीं... विदाई से पहले 72 घंटे जमकर बरसेंगे बादल, UP-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

डिप्रेशन की नमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच रही है और लगातार बरस रही है. निचले इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. रेड अलर्ट का मतलब है कि स्थिति बेहद खराब हो सकती है और भारी नुकसान की आशंका है. आठ जिलों में यह अलर्ट सक्रिय है. 

ऑरेंज अलर्ट वाले 13 जिलों में भी बहुत भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य नहीं रहेंगे. तूफान और तेज झोंके भी आ सकते हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है.  

लखनऊ जैसे बड़े शहर में बारिश ने सड़कों को जलमग्न कर दिया है. यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. गाड़ियां घंटों फंसी रही हैं और कई इलाकों में पानी घुटनों तक भर गया. आम लोगों को घर से निकलने में दिक्कत हो रही है.  

Advertisement

स्कूल बंद और हवाई अड्डे पर नजर

बारिश को देखते हुए कक्षा 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं. यह सावधानी का कदम है ताकि बच्चे जोखिम में न पड़ें. माता-पिता को राहत मिली है लेकिन पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी है. लखनऊ हवाई अड्डे पर उड़ानों की निगरानी बढ़ा दी गई है. अभी संचालन जारी है लेकिन मौसम बिगड़ने पर देरी या रद्दीकरण हो सकता है. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.  

बाढ़ का सबसे बड़ा खतरा उन इलाकों में है जहां जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है. शहरों में नाले-नालियों के जाम होने से पानी सड़कों पर फैल जाता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों और घरों में पानी घुसने की शिकायतें आ रही हैं. बंगाल की खाड़ी का गहरा डिप्रेशन इस बारिश का मुख्य कारण है. 

ऐसे सिस्टम जब सक्रिय होते हैं तो दूर-दूर तक नमी पहुंचाते हैं. उत्तर प्रदेश में मानसून के अंतिम चरण में इतनी तेज बारिश असामान्य नहीं लेकिन इस बार की तीव्रता ज्यादा है. 27 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अनुमान होने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

यह भी पढ़ें: आसमान से गायब हो रही धूल, धरती पर बढ़ेगी गर्मी? 20 साल में 10% की गिरावट ने चौंकाया 

Advertisement

राहत टीमों को तैयार रखा गया है. नावें, राहत सामग्री और चिकित्सा दल उपलब्ध कराए जा रहे हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. बिजली के तार टूटने या दीवार गिरने जैसी घटनाओं से सावधान रहना जरूरी है.  

जनता के लिए सलाह और तैयारी

भारी बारिश के दौरान सबसे महत्वपूर्ण है सतर्क रहना. घरों में जरूरी सामान जैसे मोमबत्ती, टॉर्च, पीने का पानी और सूखा राशन रखें. बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें. सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है. 

आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है इसलिए नियमित जानकारी लेते रहें. उत्तर प्रदेश में इस तरह की चरम मौसमी घटनाएं याद दिलाती हैं कि जल निकासी व्यवस्था और आपदा तैयारी को और मजबूत बनाने की जरूरत है. फिलहाल प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा है. 

अधिकारी पूरे राज्य में निगरानी रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू करेंगे.  यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है. इसलिए सभी नागरिकों को अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए. बारिश थमने के बाद साफ-सफाई और सामान्य जीवन की बहाली पर ध्यान दिया जाएगा.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »