बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात 'अर्नब' को लेकर आंध्र प्रदेश में प्रशासन अलर्ट हो गया है. मौसम के अनुमान के मुताबिक, 27, 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. इसे देखते हुए विशाखापट्टनम समेत तटीय इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. प्रशासन ने भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और बचाव टीमों को भी अलर्ट कर दिया है. इसका मकसद चक्रवात के दौरान लोगों की जान बचाना और नुकसान को कम करना है.
विशाखापट्टनम के जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्त किशोर ने कहा कि प्रशासन चक्रवात की जानकारी और उसकी गंभीरता को देखते हुए जरूरी कदम उठा रहा है. तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.
जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्त किशोर के मुताबिक, चक्रवात को देखते हुए भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड को अलर्ट किया गया है. जिले में RTF और SDRF की टीमें भी तैनात की गई हैं. ये टीमें जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और बचाव का काम करेंगी.
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तटीय गांवों के लोगों को पहले ही चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने उनसे सावधान रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा है. भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है. स्कूलों और दूसरी संस्थाओं को बंद करने पर फैसला 28 अक्टूबर को लिया जाएगा. जिला कलेक्टर ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए इस बारे में फैसला किया जाएगा.
27 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका
मौसम के मौजूदा अनुमान के मुताबिक, 27, 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. सरकार ने इन तीन दिनों के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर सकता है. तेज हवा से पेड़ गिरने और बिजली की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने को कहा है. विशाखापट्टनम में नगर निगम के स्तर पर कंट्रोल रूम भी खोले गए हैं. इनके जरिए लोगों की शिकायतों और मदद से जुड़ी जानकारी पर कार्रवाई की जाएगी.
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राज्य में NDRF की 10 टीमें तैनात
जिला कलेक्टर ने बताया कि पूरे आंध्र प्रदेश में NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं. इसके अलावा देशभर में NDRF की 16 टीमें जरूरत पड़ने पर मदद के लिए तैयार हैं. विशाखापट्टनम जिले में फिलहाल NDRF की एक और SDRF की एक टीम तैनात है. जरूरत पड़ने पर ये टीमें बचाव के काम में जुटेंगी और लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में मदद करेंगी. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा है. साथ ही, चक्रवात से निपटने के लिए जरूरी सामान और दूसरी सुविधाएं भी तैयार रखी जा रही हैं.
लोगों से सावधान रहने की अपील
चक्रवात 'अर्नब' को देखते हुए प्रशासन ने खासकर तटीय गांवों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है. लोगों को समुद्र के पास जाने से बचना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. चक्रवात के दौरान तेज हवा और भारी बारिश से लोगों को परेशानी हो सकती है.
इसलिए मौसम की जानकारी लेते रहना और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है. फिलहाल प्रशासन चक्रवात से निपटने की तैयारी में जुटा है. मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे के फैसले लिए जाएंगे. अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाना है.
आजतक साइंस डेस्क