आज से फिर U-टर्न मारेगा मौसम, दिल्ली-NCR से पहाड़ों तक जोरदार बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने 15 से 18 सितंबर तक दिल्ली-NCR, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका है.

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मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 तारीख तक देश के कई राज्यों में बारिश हो सकती है. इसके पीछे पाकिस्तान-अफगानिस्तान में बने पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं हैं. (Photo: ITG) मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 तारीख तक देश के कई राज्यों में बारिश हो सकती है. इसके पीछे पाकिस्तान-अफगानिस्तान में बने पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं हैं. (Photo: ITG)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:51 AM IST

सितंबर का मध्य आते-आते मॉनसून सामान्य रूप से पीछे हटने लगता है, लेकिन इस बार उत्तर भारत में मौसम ने फिर करवट ली है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है. कई जगहों पर व्यापक और काफी व्यापक बारिश होने का अनुमान जताया गया है. 

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इसके साथ गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. यह स्थिति मॉनसून के अंतिम चरण में एक नया मौसमी सिस्टम एक्टिव होने के कारण पैदा हुई है. दिल्ली-NCR में मौसम पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव भरा रहा है. कभी तेज धूप तो कभी अचानक हल्की बारिश. 15 सितंबर को भी आसमान बादलों से घिरा रह सकता है. कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है. 

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16 और 17 सितंबर को स्थिति और सक्रिय होने वाली है. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में इन दिनों काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने की आशंका है. अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश भी संभव है. इससे शहरों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है.

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पहाड़ी राज्यों और जम्मू-कश्मीर में कैसी रहेगी स्थिति

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 15 से 17 सितंबर के बीच काफी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी इन दिनों अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. 

पहाड़ों में अचानक तेज बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ना, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. यह बारिश सिर्फ सामान्य मौसमी घटना नहीं है. सितंबर में मॉनसून के पीछे हटने के समय ऐसे सक्रिय दौर असामान्य नहीं होते, लेकिन इस बार कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता ज्यादा हो सकती है. 

बहुत ज्यादा ह्यूमिडिटी और स्थानीय मौसमी सिस्टमों के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली जैसे शहरों में सुबह धूप और दोपहर बाद बादल छा जाना आम हो गया है. भारी बारिश का सबसे सीधा असर खेती पर पड़ता है. पंजाब और हरियाणा में इस समय कई फसलें खड़ी हैं. 

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जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. शहरों में जलभराव से यातायात ठप हो सकता है. दिल्ली-NCR जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका रहती है. बिजली गिरने और तेज हवाओं से पेड़ गिरने या तार टूटने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं.

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विश्लेषकों के अनुसार यह बारिश मॉनसून के अंतिम एक्टिव स्टेज का हिस्सा है. आईएमडी ने संकेत दिया है कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास मॉनसून के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यानी 16-18 सितंबर की बारिश इस मौसम की आखिरी बड़ी बारिशों में से एक हो सकती है. इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने और तापमान बढ़ने की संभावना है.

सतर्कता और तैयारियां जरूरी

मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है. लोगों को सलाह दी जा रही है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी इलाकों में. घरों में पानी जमा न होने दें और बिजली के उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें. स्थानीय प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था और आपात सेवाओं को सक्रिय रखने की जरूरत है. 

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स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों में भी स्थिति के अनुसार निर्णय लिए जा सकते हैं. कुल मिलाकर उत्तर भारत में अगले तीन दिन मौसम सक्रिय रहने वाला है. भारी बारिश से राहत भी मिल सकती है क्योंकि गर्मी और नमी से लोग परेशान थे, लेकिन साथ में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है. मॉनसून का यह अंतिम दौर याद दिलाता है कि मौसम हमेशा पूर्वानुमान के अनुसार नहीं चलता और तैयारियां हमेशा जरूरी रहती हैं.

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