10 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7:34 बजे कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया. इसका केंद्र चोको में सैन होसे डेल पाल्मार के पास था, जो राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है.
भूकंप की गहराई लगभग 100 से 110 किलोमीटर बताई गई है. इतनी गहराई होने के बावजूद झटके इतने तेज थे कि वे न सिर्फ पूरे पश्चिमी और मध्य कोलंबिया में महसूस किए गए, बल्कि पड़ोसी देशों इक्वॉडोर, वेनेजुएला और पनामा तक पहुंच गए.
भूकंप के तुरंत बाद 5.0 तीव्रता का एक आफ्टरशॉक भी आया, जिससे लोगों में और भय फैल गया. यह कोलंबिया में हाल के दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है. वर्ष 2026 में दुनिया भर में 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले दसवें भूकंप के रूप में दर्ज हुआ.
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भूकंप के कारण पश्चिमी और मध्य कोलंबिया में कई इमारतें ढह गईं. पेरेइरा, कैली, मनीजालेस और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. शुरुआती रिपोर्टों में मौतों की संख्या 79 बताई गई थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि कम से कम 111 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए.
कई लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है. बचाव दल अभी भी खोजबीन कर रहे हैं. सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा है. दुकानें और घर नष्ट हो गए हैं. लोग सड़कों पर जमा होकर अपडेट का इंतजार कर रहे थे. आफ्टरशॉक के डर से घरों में वापस जाने से घबरा रहे थे. कुछ हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचा और उड़ानें स्थगित कर दी गईं. सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी है.
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भूकंप क्यों आया?
कोलंबिया दक्षिण अमेरिकी प्लेट और नाज्का प्लेट के बीच सक्रिय भूकंप क्षेत्र में आता है. यहां प्लेट्स एक-दूसरे के नीचे धंस रही हैं, जिससे तनाव पैदा होता है. यह भूकंप स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग के कारण हुआ माना जा रहा है, जिसमें प्लेट्स हॉरिजोंटली खिसकती हैं. गहराई ज्यादा होने के कारण ऊर्जा व्यापक क्षेत्र में फैल गई, लेकिन सतह पर पहुँचते-पहुंचते कुछ कमजोर हो गई.
फिर भी पुरानी या कमजोर इमारतों पर इसका गंभीर असर पड़ा. 1970 में 8.0 तीव्रता का भूकंप आया था, उसके बाद यह सबसे बड़ा झटका है. जून 2026 में वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंपों (जिनमें हजारों मौतें हुईं) के महज 47 दिन बाद यह घटना हुई है, जिससे क्षेत्र में भूकंपीय सक्रियता बढ़ने की चिंता भी जताई जा रही है.
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आने वाले दिनों में मौसम बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकता है. बुधवार तक बारिश और कुछ तूफान की संभावना है, जिसके बाद मौसम सुधरने की उम्मीद है. पश्चिमी निचले इलाकों में तापमान 29-36 डिग्री सेल्सियस और बोगोटा में 19-21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
बारिश से मलबा और ढीला हो सकता है, जिससे बचाव और मुश्किल हो जाएगा. राहत टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं. स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं. राष्ट्रपति ने आपातकालीन प्रतिक्रिया का नेतृत्व खुद संभाला है. प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाई जा रही है.
मृतक संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि कई इलाकों में पूरी तरह आकलन बाकी है. आफ्टरशॉक जारी रह सकते हैं. यह घटना याद दिलाती है कि भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में मजबूत निर्माण मानकों, आपदा तैयारी योजनाओं और जन जागरूकता की कितनी जरूरत है.
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कोलंबिया जैसे देशों में पुरानी इमारतों को मजबूत करना और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना जरूरी है. अंतरराष्ट्रीय मदद भी आ रही है. इस विनाशकारी घटना से क्षेत्र की भूगर्भीय संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है.
आजतक साइंस डेस्क