अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में पिछले कुछ दिनों से समुद्र की बड़ी लहरों ने तटीय इलाकों में काफी नुकसान किया है. लॉन्ग बीच पेनिनसुला में लहरों ने रेत की परत और समुद्र को रोकने वाली दीवार को पार कर लिया. इससे बोर्डवॉक के कई हिस्से टूट गए और समुद्र किनारे बने घरों में पानी घुस गया. कम से कम 24 घरों को खाली कराने का आदेश दिया गया. यह सब ऐसे समय हुआ है जब आने वाले महीनों में मजबूत अल-नीनो की संभावना जताई जा रही है.
हरिकेन मैरी के बाद उठी तेज लहरों का असर मालिबू से लेकर सैन डिएगो तक देखा गया. डाना पॉइंट में लहरों से कई समुद्र किनारे बने घरों को नुकसान पहुंचा. सैन क्लेमेंटे में समुद्र के कटाव की वजह से तटीय रेलवे लाइन को फिर बंद करना पड़ा. मालिबू में समुद्र किनारे एक घर के ड्राइववे में बड़ा गड्ढा बन गया. वहीं पैसिफिक कोस्ट हाईवे के कुछ हिस्सों तक भी समुद्र का पानी पहुंच गया.
यह भी पढ़ें: भारत को क्यों चाहिए रूसी स्टील्थ जेट Su-57E, ये कैसे वायु सेना की ताकत बढ़ाएगा?
कई जगह तेज लहरों के साथ समुद्र का ज्वार भी काफी ऊंचा रहा. नेशनल वेदर सर्विस ने तटीय इलाकों में तेज लहरों और बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जो नुकसान हुआ है, वह आने वाले मौसम में बढ़ने वाले खतरे का संकेत हो सकता है.
लॉन्ग बीच में रेत हुई गायब
लॉन्ग बीच पेनिनसुला में तेज लहरों ने समुद्र किनारे जमा रेत को काफी हद तक बहा दिया. यह रेत समुद्र की लहरों को घरों और बोर्डवॉक तक पहुंचने से रोकने में मदद करती है. रेत हटने के बाद लहरें सीधे समुद्र रोकने वाली दीवार और उसके पीछे के इलाकों तक पहुंच गईं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि समुद्र पहले भी कभी-कभी दीवार के ऊपर से बोर्डवॉक तक पहुंचता था, लेकिन इस बार स्थिति अलग थी. लहरें पहले से ज्यादा तेज थीं और समुद्र घरों के काफी करीब आ गया. कई घरों को नुकसान पहुंचा और जगह-जगह मलबा फैल गया. एक स्थानीय निवासी के मुताबिक, पहले बोर्डवॉक के सामने काफी रेत दिखती थी, लेकिन अब समुद्र कई फीट और करीब आ गया है.
यह भी पढ़ें: भारत ने बना लिए 30 नए परमाणु हथियार, बढ़ा रहा अपना न्यूक्लियर शील्ड!
दूसरे इलाकों में भी नुकसान
डाना पॉइंट में तेज लहरों से कई समुद्र किनारे बने घरों को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों ने सात घरों को रहने के लिए असुरक्षित बताया. दो और घरों को लेकर भी सुरक्षा की चिंता जताई गई. सैन क्लेमेंटे में तटीय रेलवे लाइन पहले ही समुद्र के कटाव की समस्या से जूझ रही है.
इस बार तेज लहरों और ऊंचे ज्वार से वहां की ढलान को नुकसान हुआ. इसके बाद रेलवे लाइन को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा. मालिबू में समुद्र किनारे एक घर के ड्राइववे में बड़ा सिंकहोल बन गया. इसके बाद आसपास के 31 घरों को खाली कराया गया और स्थानीय स्तर पर आपात स्थिति घोषित की गई.
अल-नीनो से क्यों बढ़ सकती है परेशानी?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, समुद्र का तापमान अभी ही सामान्य से ज्यादा है. मजबूत अल-नीनो आने पर समुद्र का तापमान और बढ़ सकता है. इससे तूफानों को ज्यादा ताकत मिल सकती है और तेज लहरों के साथ भारी बारिश का खतरा भी बढ़ सकता है.
यह भी पढ़ें: चीन के प्रेसिडेंट जिनपिंग जिस प्लेन से भारत आए, क्या है उसकी ताकत?
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के क्लाइमेट साइंटिस्ट डैनियल स्वेन ने कहा है कि हाल में हुआ नुकसान आने वाले मौसम की सिर्फ एक झलक हो सकता है. उनके मुताबिक, इस साल के अंत और खासकर सर्दियों में तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति और खराब हो सकती है.
अल-नीनो का मतलब यह नहीं है कि हर बार ऐसे ही बड़े तूफान आएंगे. लेकिन इससे दक्षिणी कैलिफोर्निया में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना बढ़ जाती है. अगर समुद्र का तापमान और ज्वार भी ज्यादा रहा, तो तट के पास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है.
प्रशासन ने शुरू की तैयारी
संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. लॉन्ग बीच में बची हुई रेत की सुरक्षा परत और समुद्र रोकने वाली दीवार को मजबूत किया जा रहा है. वेंचुरा काउंटी में उन तटीय जगहों की पहचान की जा रही है जहां सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है.
ऑरेंज काउंटी में पानी निकालने वाले पंपों को तैयार किया जा रहा है. कई तटीय इलाकों में रेत से भरे बैग भी जमा किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बाढ़ का पानी रोकने में मदद मिल सके. अधिकारियों को सिर्फ समुद्र की लहरों की चिंता नहीं है.
अगर आने वाले महीनों में तेज बारिश होती है, तो बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने का खतरा भी बढ़ सकता है. हाल की घटनाओं ने साफ कर दिया है कि दक्षिणी कैलिफोर्निया के तटीय इलाकों को आने वाले मौसम के लिए पहले से तैयार रहना होगा.
आजतक साइंस डेस्क