अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से पैटागोनिया में बड़ी संख्या में नन्ही सदर्न राइट व्हेल्स की मौत हो रही है. जून से लगातार चुबुत प्रांत के समुद्र तटों पर इन व्हेल्स के शव मिल रहे हैं. वैज्ञानिकों को शक है कि एक बैक्टीरियल इंफेक्शन इन मौतों की वजह हो सकता है. हालांकि अभी इसकी पक्की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.
इस साल इस इलाके में अब तक करीब 1,375 सदर्न राइट व्हेल्स की गिनती की गई है, जिनमें लगभग 400 बच्चे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक इस सीजन में छोटी व्हेल्स की मौत की दर ज्यादा है. चुबुत की सरकार भी वैज्ञानिकों और रिसर्च टीमों के साथ मिलकर इन मौतों की वजह पता करने में जुटी है. शुरुआती जांच में समुद्र में पाए जाने वाले एक सामान्य बैक्टीरिया को संभावित वजह माना जा रहा है.
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चुबुत के समुद्र तटों पर जून से ही मृत नन्ही व्हेल्स मिलने का सिलसिला जारी है. इस हफ्ते भी कई सदर्न राइट व्हेल के बच्चे मृत मिले. स्थानीय वैज्ञानिक इन सभी मामलों का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं और जहां संभव है, वहां मृत व्हेल्स के सैंपल लेकर उनकी जांच हो रही है.
मरीन मैमल्स लेबोरेटरी के रिसर्चर मारियानो कोसकारेला के मुताबिक, इस सीजन में युवा व्हेल्स की मौत की दर खास तौर पर ज्यादा है. वैज्ञानिकों को एरिसिपेलस नाम की बीमारी का शक है. यह एक गंभीर बैक्टीरियल बीमारी है, जो बैक्टीरिया से होती है. यह बैक्टीरिया समुद्री जानवरों के शरीर और वातावरण में पाया जा सकता है.
बैक्टीरिया पर क्यों है शक?
चुबुत सरकार के मुताबिक शुरुआती जानकारी में एक सामान्य समुद्री बैक्टीरिया को संभावित वजह माना जा रहा है. हालांकि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि इसी बैक्टीरिया की वजह से सभी व्हेल्स की मौत हुई है. वैज्ञानिक यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर इंफेक्शन मौजूद है, तो वह नन्ही व्हेल के शरीर में कैसे पहुंचा और उनकी मौत से उसका कितना संबंध है. इसके लिए मृत व्हेल्स के सैंपल के साथ समुद्र के पानी और पर्यावरण से जुड़ी स्थितियों की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल वैज्ञानिकों को यह मामला प्राकृतिक वजह से जुड़ा हुआ लगता है, लेकिन इंसानी गतिविधियों की भूमिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है. हालांकि चुबुत प्रशासन के मुताबिक अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे इन मौतों को सीधे इंसानी गतिविधियों से जोड़ा जा सके.
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वैज्ञानिकों का कहना है कि इस घटना को समझने के लिए सिर्फ मृत व्हेल्स की संख्या देखना काफी नहीं होगा. यह भी देखना होगा कि कितने बच्चे पैदा हुए, कितने मृत मिले और अलग-अलग सालों में मौतों का आंकड़ा कितना रहा है.
सदर्न राइट व्हेल्स के लिए अहम इलाका
प्यूर्टो मैड्रिन और इसके पास वाल्देस पेनिनसुला सदर्न राइट व्हेल्स के बड़े ब्रीडिंग एरिया में शामिल हैं. ये व्हेल्स करीब 17 मीटर तक लंबी हो सकती हैं और इनका औसत वजन करीब 40 टन होता है. 2025 में इस इलाके में रिकॉर्ड 2,110 सदर्न राइट व्हेल्स गिनी गई थीं. इनमें करीब 800 बच्चे थे. इस साल अब तक 1,375 व्हेल्स की गिनती हुई है, जिनमें करीब 400 बच्चे शामिल हैं.
पेनिनसुला वाल्देस में पहले भी कुछ सालों में नन्ही व्हेल्स की मौत का आंकड़ा काफी बढ़ा है. 2012 में यहां 113 मृत व्हेल्स के बच्चे दर्ज किए गए थे. उस समय यह इस प्रजाति के लिए सबसे ज्यादा दर्ज मौतों में से एक था. इस साल भी बच्चों की मौत का आंकड़ा वैज्ञानिकों के लिए चिंता की वजह बना हुआ है. हालांकि पूरी स्थिति समझने के लिए अभी और जांच की जरूरत है.
पूरी व्हेल आबादी पर अभी बड़ा खतरा नहीं
वैज्ञानिकों के मुताबिक मौजूदा मौतें चिंता की बात हैं, लेकिन अभी इन्हें पूरी सदर्न राइट व्हेल आबादी के लिए मध्यम अवधि का बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन व्हेल्स की औसत उम्र करीब 60 साल होती है.
फिलहाल वैज्ञानिक मृत व्हेल्स के सैंपल और समुद्री वातावरण की जांच कर रहे हैं. इन जांचों के बाद ही साफ हो पाएगा कि नन्ही व्हेल्स की मौत के पीछे बैक्टीरियल इंफेक्शन कितना जिम्मेदार है और क्या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी मौजूद है.
आजतक साइंस डेस्क