स्विट्जरलैंड की कीएंटाल वैली में गर्मियों के बाद करीब 70 अल्पाका पहाड़ों से नीचे घाटी की तरफ लौटे. गर्मियों के दौरान ये जानवर बर्नीज आल्प्स के ऊंचे चरागाहों में घास चर रहे थे. अल्पाका अपनी मुलायम फाइबर, शांत स्वभाव और घने बालों के लिए जाने जाते हैं. Photo: AFP
इस बार इनका पहाड़ों से नीचे उतरना लोगों के लिए खास आकर्षण बना. अल्पाका दक्षिण अमेरिका के एंडीज पहाड़ों में पाए जाने वाले पालतू जानवर हैं. इनका वैज्ञानिक नाम विकुना पैकोस है. ये ऊंट वाले परिवार यानी कैमलिडी से जुड़े हैं. लामा, गुआनाको और विकुना भी इसी परिवार के जानवर हैं. Photo: AFP
माना जाता है कि एंडीज इलाके के लोगों ने हजारों साल पहले अल्पाका को पालना शुरू किया था. आज भी दक्षिण अमेरिका में इनकी बड़ी संख्या है. Photo: AFP
अल्पाका कैसा दिखता है?... अल्पाका का शरीर पतला होता है. इसकी गर्दन और पैर लंबे होते हैं और कान नुकीले होते हैं. पूरे शरीर पर घनी फाइबर होती है. एक बड़े अल्पाका का वजन आमतौर पर 45 से 90 किलो के बीच होता है. इसकी ऊंचाई कंधे तक करीब 80 से 110 सेंटीमीटर होती है. इसके पैरों के नीचे नरम गद्देदार हिस्से होते हैं. इनकी वजह से चलते समय जमीन और घास को ज्यादा नुकसान नहीं होता. पहाड़ी और घास वाले इलाकों में चलने के लिए यह खासियत काम आती है. Photo: AFP
अल्पाका की दो मुख्य किस्में...अल्पाका की दो मुख्य किस्में होती हैं- हुआकाया और सूरी. हुआकाया अल्पाका ज्यादा पाए जाते हैं. इनकी फाइबर घनी और थोड़ी घुंघराली होती है. सूरी अल्पाका की फाइबर लंबी और सीधी होती है. यह शरीर के दोनों तरफ नीचे की ओर लटकती हुई दिखाई देती है. दोनों किस्मों की फाइबर का इस्तेमाल कपड़े और दूसरी चीजें बनाने में किया जाता है. Photo: AFP
इतनी खास क्यों है अल्पाका की फाइबर?... अल्पाका को सबसे ज्यादा इसकी फाइबर के लिए पाला जाता है. इसकी फाइबर हल्की, मुलायम और गर्म होती है. इससे कपड़े, स्वेटर और दूसरी टेक्सटाइल चीजें बनाई जाती हैं. एफएओ के मुताबिक एक बड़े अल्पाका से साल में करीब 1.5 से 2.8 किलो फाइबर मिल सकती है. अल्पाका की फाइबर कई प्राकृतिक रंगों में मिलती है. इनमें सफेद, क्रीम, भूरा और काला जैसे रंग शामिल हैं. Photo: AFP
क्या खाता है अल्पाका?... अल्पाका शाकाहारी जानवर है. यह मुख्य रूप से घास खाता है. पहाड़ी इलाकों में यह चरागाहों में घूमकर घास चरता है. इसे ताजी घास के साथ सूखी घास भी दी जा सकती है. एंडीज के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रहने के कारण इसका शरीर वहां के मौसम के हिसाब से ढला हुआ है. घनी फाइबर इसे ठंड से बचाने में मदद करती है. Photo: AFP
झुंड में रहना पसंद करता है... अल्पाका अकेले रहने की बजाय झुंड में रहना पसंद करता है. ये सामाजिक जानवर हैं. झुंड में रहते हुए ये अलग-अलग आवाजों और शरीर की हरकतों से एक-दूसरे को संकेत देते हैं. अगर इन्हें खतरा महसूस हो तो ये आवाज निकालकर बाकी जानवरों को सावधान कर सकते हैं. अल्पाका के थूकने की बात भी काफी मशहूर है. हालांकि ये आम तौर पर बिना वजह ऐसा नहीं करते. डरने, गुस्सा होने या परेशान होने पर ऐसा व्यवहार देखा जा सकता है. Photo: AFP
करीब 11 महीने की होती है प्रेग्नेंसी... अल्पाका की प्रेग्नेंसी करीब 335 दिन यानी लगभग 11 महीने चलती है. आम तौर पर एक बार में एक ही बच्चा पैदा होता है. अल्पाका के बच्चे को क्रिया कहा जाता है. जन्म के समय बच्चे का वजन करीब 7 से 10 किलो तक हो सकता है. करीब छह महीने की उम्र में बच्चा मां का दूध छोड़ना शुरू कर देता है. Photo: AFP
हजारों साल पुराना है इंसानों से रिश्ता... अल्पाका का इंसानों के साथ रिश्ता हजारों साल पुराना है. एंडीज के लोग लंबे समय से इन्हें पालते आए हैं. इनकी फाइबर से कपड़े और दूसरी चीजें बनाई जाती रही हैं. आज भी पेरू और दक्षिण अमेरिका के दूसरे देशों में अल्पाका पालन किया जाता है. इनसे मिलने वाली फाइबर कई लोगों की कमाई का जरिया भी है. Photo: AFP
स्विट्जरलैंड में पहाड़ों से नीचे लौटे करीब 70 अल्पाका इसी जानवर की एक और खास बात दिखाते हैं. यह सिर्फ अपनी मुलायम फाइबर के लिए ही खास नहीं है, बल्कि पहाड़ी इलाकों में रहने के लिए भी अच्छी तरह ढला हुआ है. Photo: AFP