Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में छत का लेंटर डलवाएं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्रों के विद्वान

शास्त्रों के जानकार विद्वानों का कहना है कि पितृपक्ष में मकान की छत या लेंटर डालने पर कोई दोष नहीं लगता है. जो लोग मानते हैं कि ऐसा करने से पितृ दोष लग जाता है, वो सिर्फ एक भ्रम में जी रहे हैं. छत या लेंटर सिर्फ पंचक में डलवाने से बचना चाहिए. अगर किसी का मकान बन रहा है तो श्राद्धों में पितृ दोष के डर से इसे नहीं रोकना चाहिए.

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पितृपक्ष 10 अक्टूबर तक रहने वाला है. (Photo: ITG) पितृपक्ष 10 अक्टूबर तक रहने वाला है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

पितृपक्ष चल रहा है. इस पवित्र अवधि में पितरों का श्राद्ध करने की परंपरा है. मान्यता है कि इन दिनों में पितरों का श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि श्राद्ध के दिनों में मकान की छत या लेंटर आदि डालवाना चाहिए या नहीं. या फिर किसी मकान, जमीन आदि की रजिस्ट्री करवानी चाहिए या नहीं. इसे लेकर बहुत भ्रम की स्थिति है. आइए आज आपको इस बारे में सही जानकारी देते हैं.

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शास्त्रों के जानकार विद्वानों का कहना है कि पितृपक्ष में मकान की छत या लेंटर डालने पर कोई दोष नहीं लगता है. जो लोग मानते हैं कि ऐसा करने से पितृ दोष लग जाता है, वो सिर्फ एक भ्रम में हैं. छत या लेंटर सिर्फ पंचक में डलवाने से बचना चाहिए. अगर किसी का मकान बन रहा है तो श्राद्धों में पितृ दोष के डर से इसे नहीं रोकना चाहिए. अपने पितरों को प्रसन्न रखें और निसंकोच घर का निर्माण, मरम्मत या छत बनवाने का काम जारी रखें.

सूर्य की चाल देखकर डलवाएं लेंटर
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्य जब सिंह, कन्या और तुला राशि में गोचर करे, तब दक्षिण-पूर्व दिशा से छत बनवाने का काम शुरू करना चाहिए. सूर्य जब वृश्चिक, धनु और मकर राशि में गोचर करे, तब नॉर्थ-ईस्ट (ईशान कोण) से छत बनवाना शुरू करना चाहिए. वहीं, सूर्य जब कुंभ, मीन और मेष राशि में सूर्य गोचर करे तब नॉर्थ-वेस्ट दिशा से छत बनवाना शुरू करना चाहिए. जबकि वृषभ, मिथुन और कर्क राशि में सूर्य गोचर के समय साउथ-वेस्ट दिशा से छत बनवाना शुरू करना चाहिए.

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पितृपक्ष 2026 का कैलेंडर
पूर्णिमा श्राद्धा- 26 सितंबर 2026, शनिवार
प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 27 सितंबर 2026, रविवार
द्वितीया श्राद्ध- 28 सितंबर 2026, सोमवार
तृतीया श्राद्ध- 29 सितंबर 2026, मंगलवार
चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध- 30 सितंबर 2026, बुधवार
षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार
सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार
नवमी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2026, रविवार
दशमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2026, सोमवार
एकादशी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
मघा तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार
चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
सर्वपितृ अमावस्या-10 अक्टूबर 2026, शनिवार

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