भांजी का रेप करके फरार हो गया था मामा, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा

अधिवक्ता ने 12 गवाहों की गवाही करवाई. इस दौरान 16 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए गए. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा और 25 हजार रुपए के दंड से दंडित किया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर. प्रतीकात्मक तस्वीर.

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 22 मई 2024,
  • अपडेटेड 7:37 PM IST

राजस्थान के अलवर के लक्ष्मणगढ़ में रिश्तों को शर्मसार करते हुए एक मामा ने अपनी मासूम अबोध भांजी के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया. इसके बाद वह फरार हो गया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया. पॉस्को न्यायालय ने इस मामले में मामा को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है. साथ ही जुर्माना भी लगाया है. 

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घटना 22 दिसंबर 2012 को हुई थी. अबोध नाबालिग बच्ची घर पर अपने भाई-बहनों के साथ सो रही थी. बच्ची की मां को पैरालिसिस था. इसलिए वह घर के दूसरे कमरे में सो रही थी. दोनों भाई-बहनों में तीन से चार फीट की दूरी थी. इसी दौरान पीड़िता का मामा रात को कमरे में पहुंचा. 

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पीड़िता के पिता ने कराई थी एफआईआर.

मामा ने बच्ची के कपड़े खोले और उसके बाद पीड़िता के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया. इसी बीच बच्ची की नींद खुली. उसके शरीर में दर्द हुआ, तो उसने मामले की जानकारी अपने भाई और परिजनों को दी. पीड़िता दर्द के कारण रात भर रोती रही. घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया.

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वारदात के समय पीड़िता के पिता एक सत्संग कार्यक्रम में गए हुए थे. वहां से लौटने पर परिजनों ने बच्ची के पिता को घटना के बारे में बताया. इसके बाद उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए पीड़िता की डॉक्टरी जांच कराई, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई.

पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया. इस मामले में न्यायालय में चालान पेश हुआ. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार सुनवाई की तारीख दी. अधिवक्ता ने 12 गवाहों की गवाही करवाई. इस दौरान 16 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए गए. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा और 25 हजार रुपए के दंड से दंडित किया है.

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