पांचवीं मंजिल की छत पर टहलते समय सायरा खान के पैर में अचानक कुछ चुभे और कुछ देर बाद पता चले कि वह गोली थी. भोपाल के टीला जमालपुरा इलाके में सायरा खान के साथ हुई घटना ने पुलिस को भी उलझा दिया है. महिला अपने अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल की छत पर टहल रही थीं. तभी उनके पैर में अचानक कुछ लगने का एहसास हुआ. उस वक्त उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह कोई मामूली चोट नहीं, बल्कि गोली लगने का मामला हो सकता है. अस्पताल पहुंचने पर जांच हुई तो पता चला कि उनके पैर में गोली लगी है.
घटना टीला जमालपुरा के कच्ची मस्जिद रोड स्थित हैदर टावर की बताई जा रही है. महिला का नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है. उधर, पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सायरा खान के पैर में गोली कहां से आई? क्या किसी ने उन्हें निशाना बनाया था, या गोली किसी दूसरी जगह से चली और छत पर टहलते समय उन्हें लग गई? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच पर टिके हैं.
टहलते समय हुआ एहसास
जानकारी के मुताबिक, सायरा खान हैदर टावर की पांचवीं मंजिल की छत पर टहल रही थीं. इसी दौरान उन्हें पैर में कुछ चुभने का एहसास हुआ. शुरुआत में उन्हें चोट लगने की आशंका हुई, लेकिन बाद में अस्पताल में जांच कराने पर पता चला कि पैर में गोली लगी है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए हैं. अब उन बयानों के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है. जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि गोली किस दिशा से आई और उस समय आसपास क्या परिस्थितियां थीं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किसने चलाई और क्या इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई हरकत थी. पुलिस ने फिलहाल किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है.
आखिर गोली आई कहां से? पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
इस मामले में सबसे पेचीदा पहलू गोली लगने की परिस्थितियां हैं. महिला पांचवीं मंजिल की छत पर थीं. ऐसे में पुलिस को यह पता लगाना होगा कि गोली किस दिशा से आई, आसपास की इमारतों या स्थानों से इसका कोई संबंध है या नहीं और घटना के समय किसी संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिले थे या नहीं. जांच अधिकारी महिला के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों का मिलान कर रहे हैं. इसके साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल पुलिस के सामने ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं आया है, जिसके आधार पर गोली चलाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके. यही वजह है कि मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है.
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, फ्लैट किया गया सील
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की. घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए. शुरुआती जांच के बाद संबंधित फ्लैट को सील कर दिया गया, ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके. अब पुलिस मौके से जुटाए गए साक्ष्यों, महिला के बयान और घटना से जुड़ी परिस्थितियों का विश्लेषण कर रही है. जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि गोली लगने की घटना वास्तव में कैसे हुई और इसका स्रोत क्या था. फॉरेंसिक जांच इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. हालांकि, मौके से जुटाए गए साक्ष्यों से अभी तक क्या निष्कर्ष निकला है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
एडिशनल पुलिस कमिश्नर बोले- एफआईआर दर्ज, हर पहलू की जांच
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, फरियादिया के बयान के आधार पर प्रथम दृष्टया एफआईआर दर्ज की गई है. महिला ने बताया कि टहलते समय उन्हें पैर में कुछ चुभने का एहसास हुआ था. बाद में अस्पताल में जांच के दौरान गोली लगने की जानकारी सामने आई. पुलिस अधिकारी के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि महिला को गोली किस तरह और कहां से लगी. मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस का फोकस घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है. महिला के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और दूसरे जरूरी तथ्यों को जोड़कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि गोली चलने की वजह क्या थी.
क्या सायरा खान को बनाया गया था निशाना?
हैदर टावर की पांचवीं मंजिल पर हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या सायरा खान को जानबूझकर निशाना बनाया गया? क्या गोली कहीं और से चली थी? या फिर घटना के पीछे कोई ऐसी परिस्थिति है, जो अभी तक जांच में सामने नहीं आई है? फिलहाल इन सवालों का जवाब देना जल्दबाजी होगी. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन गोली चलाने वाले की पहचान और घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. सायरा खान का अस्पताल में इलाज जारी है. पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह साफ हो सकेगा कि छत पर टहल रही महिला के पैर में गोली कैसे लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. फिलहाल इस मामले में सबसे अहम कड़ी गोली के स्रोत और घटनाक्रम की सटीक जानकारी सामने आना है.
धर्मेंद्र साहू