मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में 3800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड (McCain Foods) परियोजना शुरू होने जा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअली संवाद के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि परियोजना से करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इसके साथ ही जिले में आलू प्रसंस्करण उद्योग, पशुपालन और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.
मध्य प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए आगर-मालवा से बड़ी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से संवाद किया. इस दौरान उन्होंने जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं, कृषि नवाचारों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर में 3800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड परियोजना शुरू होगी. इससे लगभग 2 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि कृषि के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
लालूखेड़ी में 200 करोड़ की पोटैटो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में आलू की खेती को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, लालूखेड़ी के साथ आगर-मालवा जिले के किसान भी आलू उत्पादन की ओर आगे बढ़ेंगे. इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ने का अवसर मिल सकता है.
2027 तक 2700 रुपये के भाव से गेहूं खरीदने की बात
किसानों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने गेहूं की खरीद को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा. उन्होंने प्रदेश में सिंचाई के लिए पानी, बिजली और सड़क नेटवर्क की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
आगर का संतरा और पशुपालन भी खास
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर और सुसनेर का संतरा देशभर में भेजा जा रहा है. उन्होंने जिले की पहचान पशुपालन और गौपालन से भी जोड़ी. उनके मुताबिक, आगर में जैविक दूध उत्पादन की संभावनाएं हैं और प्रदेश में सांची दुग्ध ब्रांड का भी विस्तार हो रहा है.
उन्होंने कहा कि जिले में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी संभावनाएं हैं. कृषि और उससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है.
गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की देखभाल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगर जिले के सालरिया स्थित गौ-अभयारण्य और अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की देखभाल की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं को प्रत्येक गौवंश की देखभाल के लिए 40 रुपये प्रतिदिन की दर से राशि प्रदान कर रही है.
उन्होंने गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना की जानकारी भी दी. इसके तहत प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा.
प्रथम पुरस्कार: 1 लाख रुपये
द्वितीय पुरस्कार: 50 हजार रुपये
तृतीय पुरस्कार: 25 हजार रुपये
इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के अतिरिक्त साधन विकसित करना है.
प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बिनायगा, बड़ौद के प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसान राधेश्याम परिहार और आखाखेड़ी, तनोडिया के प्राकृतिक अरहर उत्पादक किसान रोहित शर्मा सहित अन्य प्रगतिशील किसानों से वर्चुअली संवाद किया.
उन्होंने किसानों से उनकी खेती की तकनीकों, उत्पादन और प्राकृतिक व जैविक खेती से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी ली. कार्यक्रम में कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया.
आगर-मालवा में प्रस्तावित मैक्केन फूड परियोजना और आलू प्रसंस्करण उद्योग से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. हालांकि, परियोजनाओं की शुरुआत की तारीख, निर्माण की स्थिति और रोजगार से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक परियोजना विवरण से स्पष्ट होगी.
aajtak.in