मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां 'झगड़ा-नातरा' जैसी कुप्रथा और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवती ने भोजपुर थाना परिसर के अंदर ही कीटनाशक पी लिया. हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां खिलचीपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज जारी है. गंभीर हालत में पीड़ित युवती जमुना बाई ने नायब तहसीलदार के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
यह पूरा मामला चीबड़खुर्द गांव की रहने वाली जमुना बाई से जुड़ा है. युवती के पिता कंवरलाल ने बताया कि उनकी बेटी की शादी महज 13 साल की उम्र में कटीकापूरा गांव के रहने वाले शिवलाल नामक युवक के साथ हुई थी. पिता का आरोप है कि पति शराब के नशे में रोजाना बेटी के साथ मारपीट करता था, जिससे परेशान होकर वह अपने मायके लौट आई थी.
इसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से पंचायत और अन्य माध्यमों से 20 लाख रुपए 'झगड़े की राशि' (एक प्रथा) के रूप में भुगतान करने की मांग की जाने लगी.
पिता ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब उन्होंने यह रकम देने से मना किया, तो ससुराल पक्ष और उनके समर्थकों ने गांव में आगजनी की घटनाएं शुरू कर दीं. खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया गया और मवेशियों का चारा व कंडे जला दिए गए. इसी विवाद और समझौते के सिलसिले में दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने बुलाया था.
थाना परिसर में उठाया खौफनाक कदम
खिलचीपुर के नायब तहसीलदार चैन सिंह भिलाला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों को लड़ाई-झगड़े और विवाद के मामले में थाने पर बुलाया गया था. इसी दौरान, विचार-विमर्श के बीच युवती थाना परिसर के पीछे स्थित बाथरूम में गई और वहां फसल में डालने वाला जहरीला कीटनाशक पी लिया, जिससे वह अहोश होकर गिर पड़ी. पुलिस तुरंत हरकत में आई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंची. देखें VIDEO:-
'लाल चुनरिया' संस्था ने उठाए सवाल
राजगढ़ जिले में 'झगड़ा-नातरा' कुप्रथा से जुड़े मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. महिलाओं के अधिकारों के लिए कार्य करने वाली 'लाल चुनरिया' संस्था की संस्थापक मोना सुस्तानी ने बताया कि जमुना बाई से जुड़ा यह मामला करीब तीन महीने पहले उनकी संस्था के पास आया था. उस दौरान संस्था की ओर से दोनों पक्षों को समझाइश भी दी गई थी.
अब इस गंभीर घटना के बाद संस्था ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. देखें VIDEO:-
क्या है 'झगड़ा-नातरा' कुप्रथा?
राजगढ़ और मालवा-चंबल अंचल में आज भी 'झगड़ा-नातरा' जैसी सामाजिक कुप्रथाएं प्रचलन में हैं. इसमें बचपन में तय किए गए रिश्ते बड़े होने पर आपसी सहमति से टूट जाते हैं. इसके बाद पति या उसके परिवार द्वारा पत्नी के मायके वालों से 'झगड़े की राशि' यानी कि मुआवजा या हर्जाना की मांग की जाती है. इस रकम का निर्धारण खाप पंचायतों या स्थानीय बैठकों में होता है. पंचायत की ओर से तय की गई भारी-भरकम राशि का भुगतान करने के बाद ही महिला दूसरा रिश्ता तय कर सकती है. यदि यह राशि न दी जाए, तो दबंगों द्वारा इस तरह की प्रताड़ना और आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम दिया जाता है.
फिलहाल भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव और पुलिस टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है, जबकि अस्पताल में भर्ती जमुना बाई की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं.
पंकज शर्मा