'महिलाएं पेंटिंग्स में भी सेफ नहीं...', 11वीं की छात्रा ने गंदी हरकत के खिलाफ छेड़ी जंग, निगम ने रातो-रात पुतवाई दीवार

Gwalior Yoga Painting Obscenity: ग्वालियर में 11वीं की छात्रा आशी कुशवाह के एक वायरल वीडियो ने प्रशासन को हिला दिया. स्मार्ट सिटी की दीवारों पर महिलाओं की पेंटिंग्स के साथ हुई अश्लीलता के खिलाफ आवाज उठाने पर नगर निगम ने दीवारों को साफ कराया. जानिए क्या है पूरा मामला...

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छात्रा के वीडियो के बाद ग्वालियर की दीवारों से मिटी अश्लीलता.(Photo:ITG) छात्रा के वीडियो के बाद ग्वालियर की दीवारों से मिटी अश्लीलता.(Photo:ITG)

नीरज चौधरी

  • ग्वालियर,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

"महिलाएं अब पेंटिंग्स में भी सुरक्षित नहीं हैं..." 11वीं में पढ़ने वाली छात्रा आशी कुशवाह के यह शब्द गंदी मानसिकता को बुरी तरह कचोट देते हैं. शहर की दीवारों पर बनीं योग करती महिलाओं की पेंटिंग्स को कुछ विकृत मानसिकता के लोगों ने खराब कर दिया था. आशी के एक इंस्टग्राम पोस्ट के बाद नगर निगम ने उन सभी आपत्तिजनक निशानों को मिटाकर दीवारों पर सफेद रंग पुतवा दिया है.

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दरअसल, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की दीवारों पर महिलाओं के 'ब्लैक सिलुएट' यानी काली छायाकृतियां बनाई गई थीं, जिनमें वे तमाम योगासान करती दिख रही थीं. लेकिन असामाजिक तत्वों ने उन चित्रों के विशिष्ट हिस्सों पर अश्लील चित्रकारी और खरोंचें बना दी थीं.

इसको लेकर छात्रा आशी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "मैं रोज इस सड़क से गुजरती हूं और हर दिन यह देखकर मुझे गुस्सा और घिन आती है. ग्वालियर को गर्व से स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन यहां के लोगों में स्मार्टनेस कहां है? यह कोई मामूली नुकसान नहीं है, यह घटिया सोच, गंदी मानसिकता और गहरी बेइज्जती है. यह शर्मनाक, अपमानजनक और बहुत निराशाजनक है कि एक महिला की पेंटिंग भी ऐसी बीमार सोच वाले लोगों से सुरक्षित नहीं है. अगर हमारी सोच ऐसी है, तो स्मार्ट सिटी का टाइटल बिल्कुल बेकार है." देखें VIDEO:- 

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'छोटी हूं, पर चुप नहीं रह सकती'

आशी ने aajtak.in से बातचीत में कहा, "मैं 11वीं क्लास में हूं और छोटी हूं, इसलिए ऐसा कदम उठाने में थोड़ा डर लग रहा था. लेकिन यह जरूरी था. अगर मैं इसे नजरअंदाज कर देती, तो सालों तक चीजें ऐसी ही बनी रहतीं. इसी वजह से मैंने 4 जनवरी को एक दिन हिम्मत करके यह वीडियो शेयर कर ही दिया. हालांकि कुछ कमेंट्स आए कि शहर को बदनाम कर रही हो, लेकिन बदनाम तो उन जैसी मानसिकता वालों ने ही किया. मगर इस वीडियो से आवाज के लिए मुझे सराहना ही ज्यादा मिली."

आशी ने आगे एक कड़वा सवाल भी पूछा, "दीवार तो फिर से रंग दी जाएगी, लेकिन उन लोगों की मानसिकता का क्या जो एक निर्जीव पेंटिंग को भी वस्तु की तरह देखते हैं?"

पेंट और ब्रश लेकर पहुंचा छात्र

पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कॉलेज छात्र उस जगह पर गए. लोकेंद्र सिंह उर्फ ​​'केतु' पेंट और पेंटब्रश लेकर साइट पर पहुंचे और म्यूरल्स के विकृत हिस्सों को ठीक किया.

लोकेंद्र ने aajtak.in को बताया, "जब मैंने अपने सोशल मीडिया फीड पर रील देखी, तो मुझे बहुत बुरा लगा और मैं मौके पर गया और दीवार पर बने आपत्तिजनक निशानों को दोबारा पेंट किया. लोगों को ऐसे काम करने में शर्म आनी चाहिए." देखें VIDEO:- 

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'शहर की क्या छवि बनेगी'

दूसरे शहर से ग्वालियर में पढ़ने के लिए आए छात्र लोकेंद्र ने कहा, ''मैं यहां किराए पर रहता हूं और एक कॉलेज में पढ़ रहा हूं. इसे अपना ही शहर मानता हूं, इसलिए आशी की वीडियो देख मैं तुरंत मौके पर गया और आपत्तिजनक स्पॉट्स पर तुरंत पेंट किया. इस शहर के बाहर रहने वाले लोग जब इन हरकतों को सोशल मीडिया पर देखते होंगे तो कितना बुरा लगता होगा. मगर कुछ लोग कमेंट कर रहे हैं कि मैंने यह सब व्यूज बटोरने के लिए किया, जबकि यह सब मैंने विकृत मानसिकता के लोगों को संदेश देने के लिए किया. और महिलाओं को यह बताने के लिए भी हर लड़का एक जैसी सोच का नहीं होता.''

नगर निगम ने मिटाई 'अश्लीलता'

उधर, वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद ग्वालियर नगर निगम हरकत में आया. अफसरों ने तुरंत टीम भेजकर अश्लीलता वाली सभी पेंटिंग्स को सफेद रंग से ढंक दिया. अब इन दीवारों पर नए सिरे से कलाकृतियां बनाने की योजना है. अब इन दीवारों पर 11 जनवरी को Gen Z को बुलाकर पेंटिंग्स बनवाई जाएंगी. इसके बाद उनका सम्मान भी किया जाएगा.

इस संबंध में ग्वालियर नगर पालिक निगम के कमिश्नर संघप्रिय से फोन कॉल पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का कोई जवाब दिया.  

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