शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत होने वाली है और 9 दिनों के इस उपवास में हर किसी को शाम की चाय के साथ कुछ हल्का, कुरकुरा और स्वादिष्ट खाने का मन करता है. लेकिन बाजार में मिलने वाले चिप्स और पापड़ में कई बार साधारण नमक, अनहेल्दी ऑइल्स और प्रिजर्वेटिव्स की मिलावट होती है जिन्हें व्रत में खाना सही नहीं माना जाता.
इस नवरात्रि बाजार की नमकीन और मिलावटी पापड़ को कहें बाय और सिर्फ 1 कप साबूदाने से घर पर ही 100% शुद्ध, फलाहारी और कुरकुरे साबूदाना पापड़ तैयार करें. इन्हें बनाना इतना आसान है कि पहली बार बनाने वाले भी बिना फटे एकदम सफेद, पारदर्शी और खस्ता पापड़ तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि!
सामग्री:
1 कप छोटा या मीडियम साबूदाना
4 कप पानी (पकाने के लिए)
1 छोटा चम्मच सेंधा नमक (व्रत वाला नमक)
1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा या खड़ा जीरा
1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर या कुटी हरी मिर्च
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया (ऑप्शनल)
बनाने की विधि:
साबूदाने को साफ पानी से 2 बार धो लें. इसके बाद इसमें आधा कप पानी डालकर 3-4 घंटे के लिए ढककर छोड़ दें ताकि साबूदाना अच्छी तरह फूल और सॉफ्ट हो जाए.
एक भारी तले के बड़े बर्तन में 4 कप पानी और 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक डालकर उबलने रखें.
जब पानी में उबाल आ जाए, तो फूला हुआ साबूदाना पानी में डाल दें. धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए 10-12 मिनट तक पकाएं.
धीरे-धीरे साबूदाने के दाने एकदम पारदर्शी होने लगेंगे और घोल गाढ़ा होकर चमकीला दिखने लगेगा. जब घोल कड़छी पर चिपकने लगे, तो गैस बंद कर दें.
अब इसमें जीरा, कुटी काली मिर्च और कटा हरा धनिया मिलाएं. मिश्रण को हल्का-सा ठंडा होने दें (ज्यादा ठंडा न करें, वरना यह जमने लगेगा).
पापड़ फैलाएं: धूप में या पंखे की हवा में एक साफ प्लास्टिक शीट बिछाएं और उस पर हल्का-सा तेल/घी लगा लें. एक छोटी कड़छी से थोड़ा-सा मिश्रण प्लास्टिक पर डालें और गोल आकार में हल्का-सा फैलाएं. (ध्यान रखें, पापड़ बहुत ज्यादा पतले न फैलाएं, वरना सूखने के बाद टूट सकते हैं).
पापड़ को 1-2 दिन की धूप में अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद ये एकदम कड़क और पारदर्शी हो जाएंगे.
कड़ाही में तेल/घी गर्म करें और पापड़ डालें. डालते ही पापड़ फूलकर साइज में दोगुना और एकदम खस्ता हो जाएगा. इसे चाय के साथ गरमा-गरम परोसें.
पूरी तरह सूखे पापड़ों को एयरटाइट डिब्बे में भर कर रखें. ये साल भर तक आराम से चलते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क