भारत में चावल खूब खाए जाते हैं. कभी दाल के साथ तो कभी पुलाव के रूप में, ऐसे में चावल ज्यादातर रोजाना बन ही जाते हैं. भारत में ज्यादातर घरों में चावल कुकर या भगौने में बनते हैं. पानी डालो, चावल पकाओ और खाना तैयार. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जापान में चावल किस तरह से पकाया जाता है? अगर नहीं तो ये खबर आपके लिए है. जापान में चावल पकाना सिर्फ रोजाना का काम नहीं, बल्कि एक कला माना जाता है. वहां चावल के हर दाने की बनावट, नमी, स्वाद और खुशबू पर खास ध्यान दिया जाता है, ताकि हर दाना खिला हुआ, मुलायम और हल्की मिठास लिए हो. यही वजह है कि जापानी चावल दुनिया भर में अपनी बेहतरीन क्वालिटी के लिए मशहूर हैं.
इससे ज्यादा दिलचस्प बात ये है कि जापानी लोग हर बार एक ही तरीके से चावल नहीं पकाते. चावल की किस्म, खाने की डिश और जरूरत के हिसाब से वे इसे पकाने के लिए अलग-अलग तकनीक अपनाते हैं. कोई तरीका चावल को ज्यादा मुलायम बनाता है, तो कोई दानों को बिल्कुल अलग-अलग और फूला हुआ रखता है. कुल मिलाकर, जापान में चावल पकाने के 4 खास तरीके काफी मशहूर हैं, जिनकी अपनी-अपनी खासियत है. आइए जानते हैं ये चारों तरीके क्या हैं और इनमें ऐसा क्या खास है, जिसकी वजह से जापानी चावल इतने स्वादिष्ट बनते हैं.
1. राइस कुकर: सबसे आसान और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका
अगर आपने बचपन में कभी 'शिन चैन' कार्टून देखा हो, तो आपको जरूर याद होगा कि कैसे शिन चैन की मम्मी को घर में राइस कुकर का इस्तेमाल करके चावल बनाते दिखाया जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि जापान के ज्यादातर घरों में अक्सर चावल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक राइस कुकर का इस्तेमाल होता है. इसमें बस चावल और पानी डालकर बटन दबाना होता है. मशीन खुद ही टेंपरेचर और समय को कंट्रोल करती है, जिससे हर बार चावल एकदम परफेक्ट बनते हैं. कई मॉडर्न राइस कुकर में इंडक्शन हीटिंग और प्रेशर कुकिंग जैसी तकनीक भी होती है, जो चावल का स्वाद और टेक्शचर बेहतर बना देती है.
2. डोनाबे: मिट्टी के बर्तन में बनते हैं खुशबूदार चावल
इस लिस्ट में अगला नाम डोनाबे का है. ये एक ट्रेडिशनल जापानी मिट्टी का बर्तन है. इसमें धीमी आंच पर चावल पकाए जाते हैं. इस तरीके से बने चावल का स्वाद ज्यादा गहरा और खुशबूदार होता है. बर्तन के तले में हल्की कुरकुरी परत बनती है, जिसे जापानी भाषा में 'ओकोगे' कहा जाता है. कई लोगों को चावल का यही हिस्सा खाना सबसे ज्यादा पसंद होता है.
3. हागामा: पुराने जमाने का लोहे का बर्तन
हागामा एक भारी लोहे का बर्तन होता है, जिसमें पहले लगभग हर जापानी घर में चावल बनाए जाते थे. इसमें चावल को तीन अलग-अलग टेंपरेचर पर पकाया जाता है. इस वजह से हर दाना अलग-अलग और चमकदार दिखाई देता है. साथ ही इसमें चावल की नेचुरल मिठास भी अच्छी तरह बनी रहती है.
4. कमाडो: लकड़ी की आंच पर पकने वाले ट्रेडिशनल चावल
कमाडो जापान का सबसे पुराना चावल पकाने का तरीका माना जाता है. इसमें लकड़ी की आग पर धीरे-धीरे चावल पकाए जाते हैं. इस पूरे प्रोसेस में टेंपरेचर को हाथ से कंट्रोल किया जाता है. इस तरीके से बने चावल ज्यादा खुशबूदार, हल्के सख्त और गहरे स्वाद वाले होते हैं. कई जापानी शेफ आज भी इसे सबसे बेहतरीन तरीका मानते हैं.
स्वादिष्ट चावल बनाने का असली राज क्या है?
चाहे जापानी लोग कोई भी तरीका अपनाएं, लेकिन कुछ बातें वो चावल बनाते वक्त हर बार याद रखते हैं. ये छोटी-छोटी बातें चावल को ज्यादा मुलायम, मीठा और खिला हुआ बनाती हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क