इन 5 लकड़ियों के पास भी नहीं फटकती दीमक! सालों-साल खराब नहीं होता है फर्नीचर, जान लें नाम

Best Termite Resistant Wood: हजारों रुपये खर्च करके बनवाया गया बेड, सोफा या अलमारी क्या दीमक की वजह से अंदर से खोखला हो रहा है? अगर दीमक आपका भी फर्नीचर खराब कर रही है, तो ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी लकड़ी फर्नीचर के लिए बेस्ट होती है. आज हम आपको 5 लकड़ियों के बारे में बताएंगे, जिनमें सालों-साल दीमक नहीं लगती है.

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देवदार की लकड़ी में ऐसे नेचुरल ऑयल्स पाए जाते हैं, जो दीमक नहीं लगने देते हैं. (Photo: ITG) देवदार की लकड़ी में ऐसे नेचुरल ऑयल्स पाए जाते हैं, जो दीमक नहीं लगने देते हैं. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:18 PM IST

Best Termite Resistant Wood: घर की लुक को खूबसूरत और रॉयल बनने के लिए लोग बढ़िया से बढ़िया डिजाइन वाला लकड़ी का फर्नीचर बनवाते हैं. बेड हो, सोफा हो, अलमारी या दरवाजे, सभी को बनवाने में अच्छी लकड़ी का इस्तेमाल करते हैं. लकड़ी का फर्नीचर घर को शानदार लुक देता है, लेकिन इसे बनवाते समय एक डर हमेशा बना रहता है और वो है दीमक लगने का. दीमक छोटी जरूर होती है, लेकिन धीरे-धीरे लकड़ी को अंदर से खोखला कर देती है. कई बार फर्नीचर बाहर से बिल्कुल ठीक दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर खराब हो चुका होता है.

ऐसे में हजारों रुपये खर्च करके बनवाया गया बेड, सोफा या अलमारी भी जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए फर्नीचर बनवाने से पहले ये जानना जरूरी है कि कौन-सी लकड़ी दीमक के हमले को बेहतर तरीके से झेल सकती है. आइए जानते हैं ऐसी 5 लकड़ियों के बारे में, जिन्हें दीमक बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है और उनसे दूर ही रहती है. माना जाता है कि इन लकड़ियों में दीमक लगने का खतरा कम होता है.

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1. सागौन की लकड़ी: सागौन यानी टीक की लकड़ी मजबूत और टिकाऊ मानी जाती है. इसमें नेचुरल तेल पाए जाते हैं, जो नमी और कीड़ों के असर को कम करने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि इसका इस्तेमाल महंगे फर्नीचर और आउटडोर फर्नीचर बनाने में भी किया जाता है. अगर आप बेड, दरवाजे या ऐसी अलमारी बनवाना चाहते हैं, जो लंबे समय तक चले, तो सागौन एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है. हालांकि, इसकी कीमत दूसरी कई लकड़ियों से ज्यादा होती है.

2. देवदार की लकड़ी: देवदार की लकड़ी में खुशबूदार नेचुरल तेल और ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो कुछ कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. इसकी खुशबू भी काफी खास होती है. हालांकि, देवदार की हर किस्म दीमक से पूरी तरह सेफ नहीं होती है. इसलिए इसे खरीदते समय लकड़ी की सही किस्म, उसकी क्वालिटी और ट्रीटमेंट के बारे में जानकारी लेना बहुत जरूरी है.

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3. रेडवुड की लकड़ी: रेडवुड की लकड़ी काफी मजबूत होती है और जल्दी सड़ती नहीं है. ये नमी का असर भी काफी हद तक झेल सकती है, जिससे लकड़ी के जल्दी खराब होने का खतरा कम होता है. इस लकड़ी का इस्तेमाल घर के बाहर रखे जाने वाले फर्नीचर और डेकोरेटिव सामान बनाने में होता है. हालांकि, भारत में ये लकड़ी हर जगह आसानी से नहीं मिलती और महंगी भी हो सकती है.  

4. महोगनी की लकड़ी: महोगनी की लकड़ी अपने गहरे रंग, खूबसूरत बनावट और मजबूती के लिए जानी जाती है. इसकी लकड़ी काफी घनी होती है, जिससे कीड़ों के हमले का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है. इसका इस्तेमाल बेड, अलमारी, दरवाजे और डेकोरेटिव सामान बनाने में किया जाता है. हालांकि, इस लकड़ी में भी दीमक लग सकती है. इसलिए इसकी सही देखभाल करना और जरूरत पड़ने पर ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है.

5. इरोको की लकड़ी: इरोको अफ्रीका में पाई जाने वाली एक मजबूत लकड़ी है, जिसे कई बार अफ्रीकन टीक भी कहा जाता है. ये लकड़ी नमी और गलने-सड़ने के असर को आसानी से झेल सकती है. इसकी कुछ किस्मों में दीमक जैसे कीड़ों के हमले को झेलने की क्षमता भी होती है. इसका इस्तेमाल फर्नीचर बनाने के लिए किया जाता है. हालांकि, भारत में ये मिलनी मुश्किल हो सकती है.

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क्या इन लकड़ियों में कभी नहीं लगेगी दीमक?
ध्यान रखें कि कोई भी लकड़ी पूरी तरह दीमक से सुरक्षित नहीं होती. लकड़ी में दीमक लगना उसकी क्वालिटी, नमी और उसे लगाने के तरीके पर भी निर्भर करता है. इसलिए लकड़ी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और दीमक से बचाव के लिए किए गए ट्रीटमेंट के बारे में जरूर पूछें.

अगर घर में पहले से सीलन है या लकड़ी दीवार और गीली मिट्टी के कॉन्टैक्ट में रहती है, तो दीमक लगने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में घर में लीकेज ठीक कराना, नमी से बचाव करना और लकड़ी की सही तरीके से इंस्टॉलेशन कराना जरूरी है. महंगा फर्नीचर खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखेंगे, तो आप अपने पैसे और फर्नीचर दोनों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं.

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